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NOTAM System: क्या साइबर हमले की वजह से पूरे अमेरिका में ठप हुई उड़ान सेवाएं? जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ
Wed, 11 Jan 2023 08:15 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Wed, 11 Jan 2023 08:15 PM IST
सार
NOTAM के फेल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरियन जीन-पियरे ने इसकी जानकारी दी है।
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अमेरिकी फ्लाइट
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
अमेरिका के फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन के नोटिस टू एयर मिशन सिस्टम (NOTAM) में गड़बड़ी के चलते हवाई सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई। यहां सैंकड़ों उड़ानों में देरी हुई। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक, एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम कमांड सेंटर की एक एडवाइजरी से NOTAM में खराबी आई। फिलहाल तकनीकी विशेषज्ञ इसे ठीक करने में जुटे हैं। बता दें कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि नोटिस टू एयर मिशन सिस्टम में खराबी आई है।
आइये जानते हैं क्या है नोटिस टू एयर मिशन सिस्टम (NOTAM) जिसके चलते US में उड़ानें बंद हुईं? NOTAM क्यों फेल हुआ, इसपर एविएशन एक्सपर्ट का क्या कहना है? इसे ठीक करने के लिए क्या किया जा रहा है? अमेरिकी प्रशासन ने मामले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
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आइये जानते हैं क्या है नोटिस टू एयर मिशन सिस्टम (NOTAM) जिसके चलते US में उड़ानें बंद हुईं? NOTAM क्यों फेल हुआ, इसपर एविएशन एक्सपर्ट का क्या कहना है? इसे ठीक करने के लिए क्या किया जा रहा है? अमेरिकी प्रशासन ने मामले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
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USA
- फोटो : Social Media
क्या है NOTAM जिसके चलते US में उड़ानें बंद हुईं?
नोटिस टू एयर मिशन सिस्टम एक तरह की संचार व्यवस्था है, जिसकी मदद से फ्लाइट में मौजूद केबिन क्रू के लोगों के लिए अहम सूचनाएं भेजी जाती हैं। यह बेहद गोपनीय सूचना तंत्र है, जिसमें सेंध लगाना बेहद मुश्किल काम है। नोटिस टू एयर मिशन सिस्टम के तहत विमान के पायलट को मौसम, ज्वालामुखी विस्फोट, हवाई क्षेत्र में प्रतिबंध, किसी पैराशूट जंप, रॉकेट लॉन्च और सैन्य अभ्यास जैसी बेहद संवेदनशील और अहम जानकारियां भेजी जाती हैं। ताकि विमान को हवाई सफर के दौरान किसी अप्रिय घटना का सामना ना करना पड़े। साथ ही इस सूचना तंत्र से विमान के पायलट को हवाई अड्डों की स्थिति जैसे बर्फबारी, लाइटों में गड़बड़ी या फिर हवाई पट्टी पर किसी पक्षी की मौजूदगी की जानकारी दी जाती है।
यूएस फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) का नोटिस टू एयर मिशन सिस्टम पायलटों और अन्य उड़ान कर्मियों को खतरों या हवाई अड्डे की सुविधा सेवाओं में किसी भी बदलाव के बारे में अलर्ट करती है। इसके जरिए सामान्य प्रक्रियाओं को भी अपडेट किया जाता है। आज इसके जरिए कोई भी जानकारी साझा नहीं की जा पा रही थी। इस वजह से पूरे अमेरिका में विमान सेवाएं ठप हो गईं। सभी उड़ानें ग्राउंड पर ही रहीं।
नोटिस टू एयर मिशन सिस्टम एक तरह की संचार व्यवस्था है, जिसकी मदद से फ्लाइट में मौजूद केबिन क्रू के लोगों के लिए अहम सूचनाएं भेजी जाती हैं। यह बेहद गोपनीय सूचना तंत्र है, जिसमें सेंध लगाना बेहद मुश्किल काम है। नोटिस टू एयर मिशन सिस्टम के तहत विमान के पायलट को मौसम, ज्वालामुखी विस्फोट, हवाई क्षेत्र में प्रतिबंध, किसी पैराशूट जंप, रॉकेट लॉन्च और सैन्य अभ्यास जैसी बेहद संवेदनशील और अहम जानकारियां भेजी जाती हैं। ताकि विमान को हवाई सफर के दौरान किसी अप्रिय घटना का सामना ना करना पड़े। साथ ही इस सूचना तंत्र से विमान के पायलट को हवाई अड्डों की स्थिति जैसे बर्फबारी, लाइटों में गड़बड़ी या फिर हवाई पट्टी पर किसी पक्षी की मौजूदगी की जानकारी दी जाती है।
यूएस फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) का नोटिस टू एयर मिशन सिस्टम पायलटों और अन्य उड़ान कर्मियों को खतरों या हवाई अड्डे की सुविधा सेवाओं में किसी भी बदलाव के बारे में अलर्ट करती है। इसके जरिए सामान्य प्रक्रियाओं को भी अपडेट किया जाता है। आज इसके जरिए कोई भी जानकारी साझा नहीं की जा पा रही थी। इस वजह से पूरे अमेरिका में विमान सेवाएं ठप हो गईं। सभी उड़ानें ग्राउंड पर ही रहीं।
NOTAM क्यों फेल हुआ, इस पर एविएशन एक्सपर्ट का क्या कहना है?
NOTAM केस पर एविएशन एक्सपर्ट संजय जैन ने कहा कि शुरूआती तौर पर इसमें साइबर हमले की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन इसे नकारा भी नहीं जा सकता। क्योंकि पिछले कुछ समय में अमेरिका के चीन और रूस से से रिश्ते अच्छे नहीं रहे हैं। हो सकता है कि हैकर्स ट्रायल के रूप में अटैक करके देखना चाह रहे हों कि इसका कितना व्यापक असर हो सकता है। अमेरिका में पिछले कुछ समय में कई क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं।
NOTAM केस पर एविएशन एक्सपर्ट संजय जैन ने कहा कि शुरूआती तौर पर इसमें साइबर हमले की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन इसे नकारा भी नहीं जा सकता। क्योंकि पिछले कुछ समय में अमेरिका के चीन और रूस से से रिश्ते अच्छे नहीं रहे हैं। हो सकता है कि हैकर्स ट्रायल के रूप में अटैक करके देखना चाह रहे हों कि इसका कितना व्यापक असर हो सकता है। अमेरिका में पिछले कुछ समय में कई क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं।
फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन
- फोटो : सोशल मीडिया
इसे ठीक करने के लिए क्या किया जा रहा है?
समस्या के ठीक न होने तक एयरलाइनों को घरेलू प्रस्थान को रोकने का आदेश दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार बुधवार सुबह 6.45 बजे (ET) तक अमेरिका के अंदर या बाहर करीब 1200 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुई हैं। अब तक करीब 93 उड़ानों को रद्द करना पड़ा है। यूनाइटेड स्टेट्स एफएए ने बताया कि वह अपने नोटिस टू एयर मिशन सिस्टम (NOTAM) को पूरी तरह से बहाल करने के लिए काम कर रहा है। वहीं, कुछ सिस्टम वापस वापस काम करने लगे हैं।
समस्या के ठीक न होने तक एयरलाइनों को घरेलू प्रस्थान को रोकने का आदेश दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार बुधवार सुबह 6.45 बजे (ET) तक अमेरिका के अंदर या बाहर करीब 1200 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुई हैं। अब तक करीब 93 उड़ानों को रद्द करना पड़ा है। यूनाइटेड स्टेट्स एफएए ने बताया कि वह अपने नोटिस टू एयर मिशन सिस्टम (NOTAM) को पूरी तरह से बहाल करने के लिए काम कर रहा है। वहीं, कुछ सिस्टम वापस वापस काम करने लगे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन
- फोटो : PTI
बाइडेन ने मामले पर दिए जांच के निर्देश
NOTAM के फेल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पूरे मामले पर जांच के आदेश दे दिए हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरियन जीन-पियरे ने एक ट्वीट में बताया, "राष्ट्रपति को आज सुबह परिवहन सचिव द्वारा एफएए सिस्टम आउटेज पर जानकारी दी गई है। इस बिंदु पर साइबर हमले का कोई सबूत नहीं है, लेकिन राष्ट्रपति ने डीओटी को कारणों की पूरी जांच करने का निर्देश दिया।"
NOTAM के फेल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पूरे मामले पर जांच के आदेश दे दिए हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरियन जीन-पियरे ने एक ट्वीट में बताया, "राष्ट्रपति को आज सुबह परिवहन सचिव द्वारा एफएए सिस्टम आउटेज पर जानकारी दी गई है। इस बिंदु पर साइबर हमले का कोई सबूत नहीं है, लेकिन राष्ट्रपति ने डीओटी को कारणों की पूरी जांच करने का निर्देश दिया।"
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
US ने साइबर हमले को नकारा पर इन देशों में हो चुके हमले
यूएस फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) के NOTAM के फेल होने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है लेकिन पिछले कुछ समय में विमानन क्षेत्र रैंसमवेयर सहित साइबर हमले का निशाना बना है। नवंबर 2022 में बोइंग की स्वामित्व वाली जेपसेन ने एक साइबर सुरक्षा घटना की पुष्टि की थी जिसके कारण उड़ान में कुछ रुकावटें आई थीं। मई में, भारत की स्पाइसजेट एयरलाइन ने बताया था कि यह रैंसमवेयर से प्रभावित हुई थी, जिससे फ्लाइट ग्राउंडिंग के कारण सैकड़ों यात्री हवाईअड्डे पर फंसे हुए थे। Accelya, कई बड़ी एयरलाइनों के लिए प्रदान की जाने वाली तकनीक है, ने अगस्त में कहा था कि उसने ब्लैककैट समूह से जुड़े एक रैंसमवेयर हमले का अनुभव किया। अगस्त 2021 में, बैंकॉक एयरवेज ने कहा था कि हैकर्स ने रैनसमवेयर घटना के बाद सुरक्षा उल्लंघन के दौरान यात्रियों की जानकारी चुरा ली। बोइंग खुद 2018 में कथित तौर पर व्यापक वानाक्राई वायरस की चपेट में आ गया था।
यूएस फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) के NOTAM के फेल होने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है लेकिन पिछले कुछ समय में विमानन क्षेत्र रैंसमवेयर सहित साइबर हमले का निशाना बना है। नवंबर 2022 में बोइंग की स्वामित्व वाली जेपसेन ने एक साइबर सुरक्षा घटना की पुष्टि की थी जिसके कारण उड़ान में कुछ रुकावटें आई थीं। मई में, भारत की स्पाइसजेट एयरलाइन ने बताया था कि यह रैंसमवेयर से प्रभावित हुई थी, जिससे फ्लाइट ग्राउंडिंग के कारण सैकड़ों यात्री हवाईअड्डे पर फंसे हुए थे। Accelya, कई बड़ी एयरलाइनों के लिए प्रदान की जाने वाली तकनीक है, ने अगस्त में कहा था कि उसने ब्लैककैट समूह से जुड़े एक रैंसमवेयर हमले का अनुभव किया। अगस्त 2021 में, बैंकॉक एयरवेज ने कहा था कि हैकर्स ने रैनसमवेयर घटना के बाद सुरक्षा उल्लंघन के दौरान यात्रियों की जानकारी चुरा ली। बोइंग खुद 2018 में कथित तौर पर व्यापक वानाक्राई वायरस की चपेट में आ गया था।