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Tariff War: किसी दबाव में नहीं आएंगे,लंबे संघर्ष के लिए तैयार; अतिरिक्त टैरिफ पर पलटवार कर भारत का साफ संदेश

Thu, 07 Aug 2025 04:59 AM IST
Himanshu Mishr हिमांशु मिश्र
Updated Thu, 07 Aug 2025 04:59 AM IST
सार

अमेरिका के 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ मामले में न तो भारत चीन की तर्ज पर जवाबी टैरिफ लगाएगा और न ही  उसके दबाव में रूस से तेल आयात बंद करेगा। भारत ने जिस प्रकार ट्रंप की 25 फीसदी घोषणा के जवाब में विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के जरिए पलटवार किया था, यह सिलसिला जारी रहेगा।

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not succumb to any pressure, ready for long struggle; India clear message by retaliating on additional tariff
डोनाल्ड ट्रंप- नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत ने टैरिफ जंग मामले में अमेरिका से लंबी जंग की तैयारी का सीधा संदेश दिया है। बुधवार को अचानक टैरिफ में 25 फीसदी की बढ़ोत्तरी की घोषणा के तत्काल बाद विदेश मंत्रालय द्वारा इसे अनुचित, अकारण और तर्कहीन बताने संबंधी बयान को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है।

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सरकार के सूत्रों का कहना है कि इस मुद्दे पर वह ठीक वैसे ही दीर्घकालिक संघर्ष के लिए तैयार है, जैसा वाजपेयी सरकार के कार्यकाल में पोखरण परमाणु परीक्षण के दौरान अमेरिकी प्रतिबंध के खिलाफ लंबी जंग की सफल रणनीति तैयार की थी। अतिरिक्त टैरिफ संबंधी कार्यकारी आदेश को तत्काल लागू नहीं करने के ट्रंप सरकार के फैसले को भी भविष्य में बीच का रास्ता निकालने का द्वार खुला रखने और मनमाफिक समझौते के लिए भारत पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। वर्तमान में भारत की अर्थव्यवस्था न सिर्फ दुनिया के दूसरे देशों के मुकाबले स्थिर है, बल्कि हमारा विदेशी मुद्रा भंडार 645 अरब डॉलर से ज्यादा है। अमेरिका को भी पता है कि हमारी अर्थव्यवस्था महज निर्यात या व्यापार केंद्रित नहीं है। हमारी जीडीपी में व्यापार का हिस्सा महज 45 फीसदी है जो यूरोपीय संघ के 92 % और अमेरिका सहित सभी विकसित देशों की तुलना में करीब आधी है।
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जवाबी टैरिफ नहीं मगर पलटवार रहेगा जारी
अमेरिका के 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ मामले में न तो भारत चीन की तर्ज पर जवाबी टैरिफ लगाएगा और न ही  उसके दबाव में रूस से तेल आयात बंद करेगा। भारत ने जिस प्रकार ट्रंप की 25 फीसदी घोषणा के जवाब में विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के जरिए पलटवार किया था, यह सिलसिला जारी रहेगा। बुधवार को भी विदेश मंत्रालय के जरिए भारत ने ट्रंप के अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा पर सीधा और तीखा पलटवार किया है।
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डेयरी-कृषि क्षेत्र में प्रवेश की इच्छा नहीं होगी पूरी
सरकारी सूत्र ने कहा कि अमेरिका की इच्छा भारत के डेयरी और कृषि क्षेत्र में सीधा प्रवेश करने की है। यह इच्छा कोई भी सरकार पूरी नहीं कर सकता। वह इसलिए कि यही दो क्षेत्र है जो देश में 40 फीसदी रोजगार देता है।अगर इन क्षेत्रों को अमेरिका के लिए खोला गया तो देश में बेरोजगारी के हालात संभालने मुश्किल होंगे। वैसे भी वर्तमान सरकार को किसान आंदोलन से हुए सियासी नुकसान का पता है। जनमानस अमेरिका के खिलाफ है। ऐसे में झुकने के संकेत से होने वाले बड़े सियासी नुकसान उठाने पर सरकार रत्ती भर विचार नहीं कर रही।

खुद घरेलू मोर्चे पर घिरे हैं ट्रंप
टैरिफ जंग मामले में खुद ट्रंप घरेलू मोर्चे पर घिरे हुए हैं। उनकी इन घोषणाओं के कारण अमेरिकी अर्थव्यवस्था के भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं। अमेरिका की कई हस्तियां ट्रंप को भारत से रिश्ते खराब न करने की नसीहतें दे रही हैं।


कई देशों के साथ है भारत का मुक्त व्यापार समझौता
भारत ने कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। कई देश इसी श्रेणी में हैं। इसके अलावा पीएम मोदी इसी महीने जापान और चीन की यात्रा पर होंगे। अगर चुनौतियां बढ़ी तो इससे पार पाने के लिए भारत नए विकल्प की भी तलाश करेगा।

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