Muhammad Yunus: 'पूर्वोत्तर भारत का अभिन्न अंग', बेतुके बयान के लिए मोहम्मद यूनुस को पूर्व राजदूत की खरीखरी
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी अंतरिम बांग्लादेश सरकार के बेतुके बयान पर मंगलवार को जमकर पलटवार किया। मोहम्मद यूनुस ने ढाका को क्षेत्र में समुद्र का एकमात्र संरक्षक कहा था। इस बयान को सीएम सरमा ने अपमानजनक और कड़ी निंदा योग्य बताया।
विस्तार
बांग्लादेश में भारत की पूर्व उच्चायुक्त वीना सीकरी ने बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस को कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने यूनुस के उस बयान की कड़ी निंदा की, जिसमें उन्होंने बेतुका दावा किया कि बांग्लादेश हिंद महासागर का एकमात्र संरक्षक है, क्योंकि पूर्वोत्तर के सात भारतीय राज्य भूमि से घिरे हुए हैं। सीकरी ने यूनुस के बिगड़े बोल को चौंकाने वाला बताया और इस बात पर जोर दिया कि पूर्वोत्तर भारत का अभिन्न अंग है।
चीन की अपनी चार दिवसीय यात्रा के दौरान यूनुस की टिप्पणियों के बाद पूर्व भारतीय दूत ने जोर देकर कहा कि नोबेल पुरस्कार विजेता को ऐसा बयान देने का कोई अधिकार नहीं है। एएनआई से बात करते हुए सीकरी ने कहा, 'मुहम्मद यूनुस का बयान बहुत चौंकाने वाला है। उन्हें ऐसा बयान देने का बिल्कुल भी अधिकार नहीं है। वह जानते हैं कि पूर्वोत्तर भारत का अभिन्न अंग है और हमने पूर्वोत्तर भारत की ओर से बंगाल की खाड़ी तक पहुंच के बारे में बांग्लादेश सरकार के साथ बहुत करीबी चर्चा की है और इस पर औपचारिक समझौते भी हुए हैं।'
यह भी पढ़ें- सियासत: यूनुस के बयान से बांग्लादेश बेनकाब, दिखा भारत विरोधी चेहरा; चीन से करीबी की ताक में पूर्वोत्तर पर नजर!
'नदी तट के अधिकार की उम्मीद नहीं कर सकता'
सीकरी ने बांग्लादेश को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वह पूर्वोत्तर भारत को कनेक्टिविटी अधिकार देने में रुचि नहीं रखता है, तो वह बदले में नदी तट के अधिकार की उम्मीद नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, 'हमें इस बयान की निंदा करनी चाहिए। मैं बांग्लादेश को एक बात बहुत साफ तौर पर बता सकती हूं कि अगर वे पूर्वोत्तर भारत को कनेक्टिविटी अधिकार देने में रुचि नहीं रखते हैं, तो वे नदी तट के रूप में किसी भी अधिकार की उम्मीद नहीं कर सकते। इसलिए उन्हें यह पता होना चाहिए और उन्हें इस बारे में कोई भ्रम नहीं होना चाहिए।
रक्षा विशेषज्ञ प्रफुल बख्शी ने भी नाराजगी जताई
इसके अलावा रक्षा विशेषज्ञ प्रफुल बख्शी ने भी यूनुस के बयान पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि भारत ने बांग्लादेश बनाया और ऐसा करते समय उसने कोई नक्शे संबंधी लाभ नहीं लिया। बख्शी ने चिंता जताई कि बांग्लादेश, चीन और पाकिस्तान पूर्वोत्तर राज्यों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग सिलीगुड़ी कॉरिडोर का फायदा उठाकर भारत पर दबाव बनाने के तरीकों पर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि भारत बांग्लादेश के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई कर सकता है, जिससे उनकी समुद्री पहुंच कट जाएगी।
यह भी पढ़ें- एटीएम से निकासी पर शुल्क और UPI से लेकर हाइवे पर टोल दरों तक, आज से बदल रहा बहुत कुछ
'हम समुद्र को काटकर उनका गला घोंट सकते हैं'
उन्होंने कहा, 'हमने बांग्लादेश बनाया। बांग्लादेश बनाते समय हमने कोई लाभ नहीं लिया। बांग्लादेश, चीन और पाकिस्तान हाल ही में चिकन नेक (सिलीगुड़ी कॉरिडोर), भारत का गला घोंटने और फायदा उठाने के बारे में बात कर रहे हैं। अब बांग्लादेश कह रहा है कि चीन को मदद करनी चाहिए और सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर निर्भर सात भारतीय राज्यों में प्रवेश करना चाहिए। उन्हें एहसास नहीं है कि हम बांग्लादेश के विपरीत दिशा में भी ऐसा ही कर सकते हैं। हम समुद्र को काटकर उनका गला घोंट सकते हैं।'
संबंधित वीडियो
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.