फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   North Korea Missile Engine Test Kim Jong un High Thrust Solid Fuel ICBM us Security Threat

North Korea: ट्रंप की बढ़ी टेंशन, उत्तर कोरिया ने अमेरिका तक मार करने वाले मिसाइल इंजन का किया परीक्षण

Sun, 29 Mar 2026 02:20 PM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सियोल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सियोल Published by: अमन तिवारी Updated Sun, 29 Mar 2026 02:20 PM IST
सार

उत्तर कोरिया ने एक नए हाई-थ्रस्ट सॉलिड-फ्यूल मिसाइल इंजन का परीक्षण किया है। नेता किम जोंग उन ने इसे देश की सैन्य क्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम बताया। यह परीक्षण उत्तर कोरिया की मारक क्षमता बढ़ाने की कोशिशों का हिस्सा है।

विज्ञापन
North Korea Missile Engine Test Kim Jong un High Thrust Solid Fuel ICBM us Security Threat
मिसाइल परीक्षण (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया।

विस्तार

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने एक नए और शक्तिशाली मिसाइल इंजन के परीक्षण का जायजा लिया। सरकारी मीडिया ने रविवार को इसकी जानकारी दी। यह इंजन एक अपग्रेडेड, हाई-थ्रस्ट, सॉलिड-फ्यूल पर आधारित है और इसकी ताकत पहले से कहीं ज्यादा है। किम जोंग उन ने इसे देश की सैन्य शक्ति बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। इस परीक्षण का मकसद ऐसी मिसाइलें बनाना है जो अमेरिका और उसके सहयोगियों को निशाना बना सकें। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन मिसाइलों को पहचानना और रोकना बहुत मुश्किल है।
विज्ञापन


रिपोर्ट्स में किया गया दावा
कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के अनुसार, यह इंजन कार्बन फाइबर से बना है। इस इंजन की अधिकतम ताकत 2,500 किलोटन मापी गई है। इससे पहले सितंबर में हुए परीक्षण में यह ताकत 1,970 किलोटन थी। यह टेस्ट देश के पांच साल के हथियार विकास कार्यक्रम का हिस्सा है। इसका लक्ष्य परमाणु क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को और आधुनिक बनाना है। किम जोंग उन ने कहा कि इस टेस्ट से देश की रणनीतिक ताकत सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। हालांकि, यह टेस्ट कब और कहां हुआ, इसकी सटीक जानकारी नहीं दी गई है।
विज्ञापन


क्या बोले विशेषज्ञ?
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया के दावे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए हो सकते हैं। दक्षिण कोरिया के एक शोधकर्ता ली चुन ग्यून ने कहा कि उत्तर कोरिया इसमें कुछ बातें छिपा रहा है। उन्होंने इंजन के जलने के कुल समय जैसी जरूरी जानकारी नहीं दी है। उत्तर कोरिया ने सितंबर के परीक्षण को सॉलिड-फ्यूल इंजन का नौवां और अंतिम ग्राउंड परीक्षण बताया था, और पहले कहा था कि इस इंजन का उपयोग इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों (ICBM) के लिए किया जाएगा। उस समय पर्यवेक्षकों ने अनुमान लगाया था कि उत्तर कोरिया जल्द ही उस इंजन से लैस एक ICBM का परीक्षण-प्रक्षेपण करेगा, लेकिन उसने अभी तक ऐसा नहीं किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: क्यूबा पर अमेरिकी प्रतिबंध: विदेश मंत्री ने ईंधन नाकेबंदी को लेकर यूएस पर निशाना साधा, यूएन ने भी जताई चिंता


अमेरिका की रक्षा तंत्र के लिए खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया के इस कार्यक्रम में कुछ देरी हो रही है। यह भी संभव है कि वह रूस की तकनीकी मदद से बेहतर इंजन बना रहा हो। हाल के समय में रूस और उत्तर कोरिया के बीच संबंध गहरे हुए हैं। उत्तर कोरिया ने यूक्रेन युद्ध में रूस की मदद के लिए अपने सैनिक और हथियार भी भेजे हैं। ठोस ईंधन वाले इंजन से उत्तर कोरिया छोटी मिसाइलें भी बना सकता है। इन्हें पनडुब्बियों या मोबाइल ट्रकों से लॉन्च करना आसान होगा। जो कि अमेरिका के रक्षा तंत्र के लिए खतरा बढ़ाएगा।

उत्तर कोरिया ने पिछले कुछ वर्षों में कई मिसाइलों का परीक्षण किया है। ये मिसाइलें अमेरिका तक पहुंचने की क्षमता रखती हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया को अभी भी कुछ तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसमें सबसे बड़ी चुनौती मिसाइल के वारहेड को वायुमंडल में दोबारा प्रवेश कराते समय सुरक्षित रखना है। साल 2019 में डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत विफल होने के बाद से किम जोंग उन अपना परमाणु भंडार बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने बातचीत के रास्ते खुले रखे हैं, लेकिन परमाणु निशस्त्रीकरण की शर्त मानने से इनकार कर दिया है।

अन्य वीडियो-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed