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North East Festival: 'पूर्वोत्तर देश का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा', असम और नगालैंड के राज्यपाल ने कही यह बात
Fri, 23 Dec 2022 10:27 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 23 Dec 2022 10:27 PM IST
सार
राज्यपाल जगदीश मुखी ने कहा कि पूर्वोत्तर त्योहारों का क्षेत्र है। वहां हर रोज कोई ना कोई त्योहार होता है। इस मेले से पूर्वोत्तर और देश के बाकी राज्यों के मध्य सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ेगा।
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North East Festival
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आज यानी शुक्रवार से नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल की रंगारंग शुरुआत हो गई। असम और नगालैंड के राज्यपाल प्रो. जगदीश मुखी ने इस समारोह का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राज्यपाल मुखी ने कहा कि पिछले आठ वर्षों के दौरान पूर्वोत्तर में अभूतपूर्व विकास हुआ है।
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दिल्ली में रहने वाले उत्तर पूर्वी राज्यों के निवासियों को संबोधित करते हुए प्रो. मुखी ने बताया कि केंद्र सरकार के बजट का बड़ा हिस्सा पूर्वोत्तर पर खर्च हो रहा है। नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल में असम, मणिपुर, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, मिजोरम, मेघालय और सिक्किम की कला संस्कृति को प्रदर्शित किया गया है।
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मेले में लगे स्टालों का अवलोकन करने के बाद प्रोफेसर मुखी ने कहा कि पूर्वोत्तर त्योहारों का क्षेत्र है। वहां हर रोज कोई ना कोई त्योहार होता है। इस मेले से पूर्वोत्तर और देश के बाकी राज्यों के मध्य सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ेगा। उद्घाटन कार्यक्रम में सांसद कामाख्या प्रसाद भी मौजूद थे। नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल का आयोजन 2013 से किया जा रहा है।
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मुख्य आयोजक श्याम कानू मोहंता ने बताया कि पूर्वोत्तर और उत्तरी राज्यों के बीच की दूरी को समाप्त करने के लिए उन्होंने इस फेस्टिवल की शुरुआत की थी। कोरोना के कारण दो साल दिल्ली में इसे आयोजित नही किया जा सका। इस बार फेस्टिवल में पूर्वोत्तर के उद्यमियों ने उत्पादों के 150 और खान-पान के 40 स्टॉल लगाए हैं। अरुणिमा ग्रुप के विद्युत बिकास भुयान के नेतृत्व में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए 300 कलाकार हिस्सा ले रहे हैं।