कोरोना से जंग: फेल हुई मोदी-शाह की डबल इंजन की थ्योरी, गैर-भाजपा शासित राज्यों में प्रबंधन थोड़ा बेहतर
कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने अमर उजाला से कहा, कोरोना ने साबित कर दिया है भाजपा डबल इंजन नहीं बल्कि डबल पंक्चर वाली सरकार है। बाकि इंजन पूरी तरह से फेल है जिसका केवल भोंपू जोर से बचता है...
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भारतीय जनता पार्टी ने केंद्र की सत्ता पाने के बाद राज्यों में अपना राज कायम करने के लिए डबल इंजन की थ्योरी जनता के सामने रखी थी। राज्यों में विकास के लिए केंद्र और राज्य मिलकर डबल इंजन की गति से काम करेंगे इस वादे के साथ पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण में राज्यों में भाजपा को सत्ता भी मिली। कोरोना संक्रमण के दौरान डबल इंजन का नारा और दावा कोरा साबित होता नजर आ रहा है। भाजपा शासित राज्य जहां महामारी के साथ अव्यवस्थाओं से जुझते हुए नजर आ रहे हैं, वहीं गैर-भाजपा शासित राज्य केंद्र के साथ अधिक समन्वित होकर संतुलित तरीके से महामारी का मुकाबला करते दिखाई दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात और कर्नाटक में कोरोना विकराल रूप धारण कर रहा है। राज्यों में आक्सीजन, बेड और दवाईयों का संकट भी बढ़ रहा है। दूसरी ओर राजस्थान, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे गैर-भाजपा शासित राज्य केंद्र सरकार के कदमताल करते खामोशी से व्यवस्था बनाते और महामारी से लड़ते दिख रहे हैं। केंद्र से समन्वय में गैर-भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री ज्यादा परिपक्व नजर आ रहे हैं।
राजस्थान सीएम गहलोत लगातार पीएम मोदी से संपर्क में
राजस्थान में कोरोना के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए मुख्यमंत्री गहलोत ने मुस्तैदी से कमान अपने हाथों में थाम रखी है। केंद्र से मदद लेनी हो या राज्य में कोई भी नियम को सख्ती से लागू करवाना हो, सीएम एक-एक बिंदु पर खुद ही निगरानी कर रहे हैं। 27 अप्रैल को भी गहलोत ने पीएम नरेद्र मोदी से फोन पर बात कर राज्य की स्थिति से अवगत करवाया। वहीं दूसरी तरफ उन्होंने अपनी कैबिनेट के तीन विश्वासपात्र मंत्री रघु शर्मा, बी.डी. कल्ला और शांति धारीवाल को केंद्रीय मंत्रियों को राज्य की स्थिति से अवगत करवाने के लिए दिल्ली भी भेजा।
दिल्ली प्रवास के दौरान तीनों मंत्रियों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रेल मंत्री पीयूष गोयल, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से वर्चुअल बैठक कर राज्य की कोविड-19 की परिस्थितियों से अवगत करवाया। राज्य मंत्रियों ने केंद्रीय मंत्रियों से राजस्थान को मिलने वाली ऑक्सीजन आपूर्ति के साथ उसके परिवहन के लिए टैंकरों की संख्या बढ़ाने तथा रेमडेसिविर इंजेक्शनों की आपूर्ति बढ़ाने की मांग रखी।
सीएम गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा ने अमर उजाला को बताया कि राजस्थान सीएम के निर्देश पर तीन मंत्रियों का दल हाल ही में दिल्ली गया था। मंत्रियों का दल केन्द्र सरकार को राजस्थान में संक्रमण के गंभीर हालात की वास्तविकता बताने में कामयाब रहा। इससे एक सकारात्मक माहौल बना है। अब केन्द्र सरकार प्रदेश की स्थिति पर अधिक गंभीरता से विचार कर सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने में मदद करेगी। इसके फलस्वरूप राज्य सरकार कोरोना के बढ़ते संक्रमण के दौर में राजस्थानवासियों की जीवन रक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों का और अधिक बेहतर प्रबंधन कर सकेगी।
ओडिशा ने आठ राज्यों को भेजी 2516.88 मीट्रिक टन ऑक्सीजन
कोरोना संक्रमण के दौरान एक ओर जहां कई राज्यों में ऑक्सीजन की कमी दिखाई दे रही हैं। वहीं दूसरी ओर ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक मुश्किलों में घिरे राज्यों के लिए मददगार बनकर उभरे हैं। पटनायक ने अपना बड़ा दिल दिखाते हुए करीब आठ बड़े राज्यों को ऑक्सीजन उपलब्ध करवाने में मदद की है। राज्य के सीएम नवीन पटनायक भी लगातार पीएम मोदी के साथ तालमेल बनाकर चल रहे है। 22 अप्रैल को पीएम सीएम बैठक के दौरान पटनायक ने आश्वासन दिया था कि कि ऑक्सीजन के मोर्चे पर सभी राज्यों की मदद करेंगे। सीएम ने अन्य राज्यों की मदद के लिए एक स्पेशल टीम भी गठित की है।
स्पेशल टीम के नोडल अफसर, आईपीएस वाई.के. जेठवा ने अमर उजाला से कहा, ओडिशा के अंगुल, ढेंकनाल, जाजपुर और राउरकेला में स्थित स्टील प्लांट्स से मेडिकल ऑक्सीजन की लोडिंग और उनके परिवहन का कार्य जारी है। ओडिशा सरकार ने पिछले 5 दिनों में ऑक्सीजन से भरे 135 टैंकरों के जरिए तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश जैसे कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में 2516.88 मीट्रिक टन ऑक्सीजन भेजी है।
छत्तीसगढ़ और झारखंड सरकार अन्य राज्यों की कर रही मदद
छत्तीसगढ़ में भी कोरोना संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है। इसके बाद भी राज्य की भूपेश बघेल सरकार अन्य राज्यों की मदद कर रही है। राज्य में रोज 400 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन होता है। इसमें 170 मीट्रिक टन राज्य में उपयोग होती है। बाकि अन्य राज्यों को मदद के लिए भेजी जा रही है। कोविड के दौरान अभी राज्य सरकार की तरफ से महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उत्तरप्रदेश और तेलगांना को ऑक्सीजन भेजी जा रही है। हाल ही प्रधानमंत्री की मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक के दौरान राज्य के सीएम ने भी सभी राज्यों की मदद का आश्वासन भी दिया था।
वहीं, झारखंड भी कोरोना संक्रमण से जूझ रहा है। राज्य में बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर और दवाईयों की किल्लत बनी हुई है। लेकिन ऑक्सीजन उत्पादन पर्याप्त मात्रा में हो रहा है। यही वजह ये ही राज्य के सीएम हेमंत सोरेन उत्तरप्रदेश, दिल्ली समेत राजस्थान को ऑक्सीजन मुहैया करवा रहे हैं। इस कठिन दौर में सोरेन केंद्र के आरोप-प्रत्यारोप करने से बचते हुए नजर आ रहे हैं। हर बार वे केंद्र से दवाईयों और ऑक्सीजन सिलेंडर की मांग करते हुए नजर आ रहे हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने अमर उजाला से कहा, कोरोना ने साबित कर दिया है भाजपा डबल इंजन नहीं बल्कि डबल पंक्चर वाली सरकार है। बाकि इंजन पूरी तरह से फेल है जिसका केवल भोंपू जोर से बचता है।
कांग्रेस के हमले पर भाजपा प्रवक्ता सरदार आरपी सिंह ने कहा, दूसरी बार कोरोना की शुरुआत सबसे पहले महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से हुई है। देश में सारी दिक्कतें सिंगल इंजन सरकारों के कारण हुई है क्योंकि यहां न तो ठीक व्यवस्था है न ही बेहतर मैनेजमेंट। आज इसका भुगतान अन्य राज्यों को करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के कारण पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ हैं। कोरोना की दूसरी लहर में मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और दिल्ली में ज्यादा हालत खराब नजर आ रहे हैं। आए दिन यहां राज्यों में अस्पतालों में ऑक्सीजन खत्म होने की खबरें सामने आ रही हैं। परेशान लोग सरकार और सिस्टम को कोस रहे हैं।