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5 रुपए में जरूरतमंदों को भरपेट भोजन देती है “दादी की रसोई”
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Updated Fri, 13 Apr 2018 03:29 PM IST
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नोएडा सेक्टर-17 एवं सेक्टर- 29 में दादी की रसोई के दो स्टॉल चलते हैं, जहाँ मात्र 5 रुपए में देसी घी में बना स्वादिष्ट भोजन मिलता है। जी हाँ, बिलकुल सही पढ़ा आपने, इस महंगाई के समय में 5 रुपए में भोजन मिलना किसी वरदान से कम नहीं है। यह रसोई श्री अनूप खन्ना द्वारा चलायी जाती है, श्री अनूप खन्ना एक समाज सेवी भी हैं और ज़रूरतमंदों की मदद भी करते हैं।
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दादी की रसोई रोजाना सेक्टर-17 में सुबह 10 से 11:30 बजे एवं सेक्टर- 29 में दोपहर 12 से 2 बजे तक चलती है, जहाँ कईं लोग भरपेट भोजन कर अपनी भूख शांत करते हैं। स्टॉल के सामने रोजाना लोग लाइन में लगते हैं, इनमे -छात्र, कामकाजी,रिक्शा खिंचने वाले से लेकर, कई दुकान के मालिक एवं राहगीर भी शामिल हैं। दादी की रसोई में लोग अपनी श्रद्धा से भोजन का प्रबंध भी करवाते है, जैसे किसी की सालगिरह हो या जन्मदिन लोग उस दिन के भोजन में अपना योगदान या अंशदान कर जरूरतमंदों को भोजन करवाते हैं।
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अनूप जी स्टॉल में खपत होने वाली सामग्रियों के लिए प्रतिदिन 3500 रुपए खर्च करते हैं। इस रसोई में यह विशेष ध्यान रखा जाता है की लोगों को भरपेट खाना मिले, कोई भूखा न रहे। दादी की रसोई एक सामाजिक कार्य है इसलिए अनूप जी को सब्जीवाले एवं राशन वाले भी मंडी के दाम में सामान देते हैं। रोजाना 5 रुपए में देसी घी का बना स्वादिष्ट भोजन मन को तृप्त करता है। दादी की रसोई की खास बात यह है की यहाँ साल के 365 दिन जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध होता है।
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“रजनीगन्धा पर्ल्स” अनूप खन्ना जी के समाज के लिए किये गए योगदान का सम्मान करता है। उनके द्वारा शुरू की गई “दादी की रसोई” की अच्छाई की चमक ही है, जो उन्हें "पर्ल्स ऑफ इंडिया" बनाती है। “पर्ल्स ऑफ इंडिया" रजनीगन्धा सिल्वर पर्ल्स द्वारा भारत के आम लोगों द्वारा किए गए निःस्वार्थ एवं भलाई के लिए किये जाने वाले कामों को उजागर करने का एक उल्लेखनीय प्रयास है।