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नोबेल से सम्मानित अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन बोले, सुप्रीम कोर्ट को रद्द कर देना चाहिए नागरिकता कानून
Thu, 09 Jan 2020 02:57 AM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: आसिम खान
Updated Thu, 09 Jan 2020 02:57 AM IST
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नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन (फाइल फोटो)
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नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने दावा किया है कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) संविधान के प्रावधानों के अनुकूल नहीं है। उन्होंने यहां इन्फोसिस साइंस फाउंडेशन के यहां आयोजित एक कार्यक्रम में पत्रकारों से कहा कि सीएए कानून को मेरी नजर में सुप्रीम कोर्ट द्वारा असंवैधानिक होने के आधार पर रद्द कर दिया जाना चाहिए क्योंकि हमें मिले मूल अधिकार ऐसे नहीं हैं जो नागरिकता को धार्मिक अंतरों के आधार पर बने हैं।
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उन्होंने कहा कि नागरिकता तय करने के लिए वास्तव में यह मायने रखता है कि एक व्यक्ति का जन्म कहां हुआ और वह कहां रहता है। उन्होंने कहा कि सीएए कानून के बारे में पढ़ने के बाद मेरा यह मानना है कि यह संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन करता है। यह सही है कि किसी अन्य देश में सताए गए हिंदू सहानुभूति के हकदार हैं और उनके मामलों में संज्ञान लेना चाहिए पर नागरिकता को धर्म से अलग रखना चाहिए और साथ ही पीड़ित या शोषित लोगों की परेशानियों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
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जेएनयू मामले में पुलिस ने देरी की
जेएनयू हिंसा मामले में सेन ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस के बीच बात होने में देरी हुई, जिसके कारण कोई भी कदम उठाने से पहले ही छात्रों से हिंसा हुई।
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सीएए को लेकर मुझ पर भरोसा रखें: सोनेवाल
असम सीएम सर्बानंद सोनेवाल लोगों से अपील करते हुए कहा है कि सीएए को लेकर लोग उनपर भरोसा बनाएं रखें और ऐसा कुछ भी नहीं होगा जो राज्य के लोगों के हितों के खिलाफ हो। उन्होंने सीएए के समर्थन में निकाली गई रैली को संबोधित करते हुए सोनितपुर में मंगलवार को कहा कि वह ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिससे असम के लोगों की जिंदगी पर असर पड़े।
त्रिपुरा में सीएए विरोध में प्रदर्शन
सीएए के विरोध में संयुक्त आंदोलन (जेएमएसीएए) के सैकड़ों आदिवासियों ने मंगलवार को यहां विरोध प्रदर्शन किया। इस संयुक्त मोर्चे में त्रिपुरा स्टूडेंट फेडरेशन, नेशनल काउंसिल ऑफ त्रिपुरा और अन्य संगठन शामिल हैं। इसके संयोजक एंथनी देवबर्मा ने कहा कि वह सीएए के विरोध में हैं क्योंकि यहां पहले से बड़ी संख्या में शरणार्थी रह रहे हैं। उधर पड़ोसी राज्य मिजोरम में सीएए के पक्ष में वोट डालने वाले राज्य के एकमात्र सांसद सी. लालरोसांगा को लेंगपुरी हवाई अड्डे पर प्रदर्शनकारियों के विरोध का सामना करना पड़ा।
तमिलनाडु विधानसभा में सीएए पर पक्ष विपक्ष उलझे
तमिलनाडु विधानसभा में सीएए को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में बुधवार को खासी तकरार हुई। विपक्षी द्रमुक की मांग थी कि इस मुद्दे पर विधानसभा एक प्रस्ताव पारित करे। इस पर अन्नाद्रमुक ने कहा कि अगर राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर की वजह से किसी पर आंच आती है तो आवाज उठाने वाली वह पहली पार्टी होगी।