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राज्यों को निर्देश, राशन के बदले अब नहीं होगा नकद हस्तांतरण

Fri, 23 Feb 2018 01:52 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 23 Feb 2018 01:52 AM IST
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No States will get transfer of cash instead of ration

केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि आंगनबाड़ी योजना के तहत अब किसी लाभार्थी को राशन के बदले नकद राशि नहीं दी जाएगी। नीति आयोग ने अपनी राष्ट्रीय पोषाहार योजना के तहत कुछ जिलों में यह परखने के लिए पायलट योजना चलाने की सिफारिश की थी कि एकीकृत बाल विकास योजना (आईसीडीएस) के तहत राशन घर ले जाने और पूरक पोषाहार के बदले लाभार्थियों को नकद हस्तांतरण करना सफल होता है या नहीं।  

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केंद्र ने कहा, नीति आयोग की सिफारिश पर चलाया गया था पायलट प्रोजेक्ट
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उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार ने केंद्र सरकार से सशर्त नकद हस्तांतरण की अनुमति मांगी थी जिस पर केंद्र ने अपना रुख स्पष्ट किया। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव आरके श्रीवास्तव ने उन्हें जवाब दिया कि मंत्रालय में इस मुद्दे पर लंबी बहस हो चुकी है और फिलहाल राशन के बदले सशर्त नकद हस्तांतरण शुरू करने की ऐसी कोई योजना तय नहीं हो पाई है। उन्होंने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को इस संबंध में 12 फरवरी को ही जानकारी दे दी है।
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महिला व बाल विकास मंत्रालय ने यूपी के मुख्य सचिव को दी जानकारी

मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पिछले साल दिसंबर में कैबिनेट ने राष्ट्रीय पोषाहार मिशन को मंजूरी दी थी और इसके बाद ही नकद हस्तांतरण का प्रावधान खत्म कर दिया गया था। यह प्रस्ताव क्यों खत्म कर दिया गया, इस बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने बताया कि इस बात की कोई गारंटी नहीं होती कि लाभार्थी नकद राशि का इस्तेमाल किसी और काम के लिए नहीं बल्कि पोषाहार के लिए ही करेगा।


आईसीडीएस के तहत सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों पर भोजन, प्राथमिक शिक्षा और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराती है। इस योजना के तहत छह माह से तीन साल तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा बच्चे के जन्म के छह महीने तक दुग्धपान कराने वाली माताओं को राशन घर ले जाने की सुविधा दी जाती है। इसमें तीन से छह साल के बच्चों को गर्म भोजन उपलब्ध कराया जाता है।

पिछले साल सितंबर में नीति आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि राशन घर ले जाने की योजना को लेकर कई तरह की शिकायतें आ रही हैं जिसमें अनाज की खराब क्वालिटी और निहित स्वार्थ आदि वजहें सामने आ रही हैं। लिहाजा कुछ जिलों में नकद हस्तांतरण योजना चलाकर जांचा जाना चाहिए। 
  

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