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Karnataka: कर्नाटक कांग्रेस की एससी/एसटी नेताओं की बैठक स्थगित, परमेश्वर बोले- कोई राजनीतिक कारण नहीं
Wed, 08 Jan 2025 04:33 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 08 Jan 2025 04:33 PM IST
सार
Karnataka: कर्नाटक कांग्रेस के एससी-एसटी नेताओं की बैठक स्थगित हो गई है। यह बैठक अब फिर से निर्धारित की जाएगी। राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि पार्टी महासचिव रणदीप सुरजेवाला इसमें शामिल होना चाहते थे। इसलिए बैठक स्थगित की गई।
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जी. परमेश्वर
- फोटो : एएनआई
विस्तार
कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस के अनुसूचित जाति (एससी)-अनुसूचित जनजाति (एसटी) के नेताओं, मंत्रियों और मंत्रियों की बैठक को सियासी कारणों से नहीं, बल्कि पार्टी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला के आग्रह पर स्थगित किया गया है। सुरजेवाला इस बैठक में भाग लेना चाहते थे। इसलिए बैठक को टाला गया।
बैठक का मकसद एससी/एसटी सम्मेलन की तैयारी पर चर्चा करना था, ताकि एसएसी-एसटी समुदायों का समर्थन मजबूत किया जा सके। परमेश्वर ने बताया कि उन्होंने सुरजेवाला को बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है, जब भी बैठक हो और इस बैठक के पीछे कोई राजनीतिक मंशा नहीं थी, न ही छिपाने के लिए कुछ था।
परमेश्वर ने कहा, हमने इस बैठक को सुरजेवाला के अनुरोध पर स्थगित किया है, क्योंकि वह इस बैठक में भाग नहीं ले पा रहे थे। बैठक रद्द नहीं की गई गई है, बल्कि यह फिर से तय की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस बैठक का मकसद एससी/एसटी समदाय से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा करना था, न कि किसी राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाना।
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यह घटनाक्रम मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के उस हालिया रात्रिभोज कार्यक्रम के बाद सामने आया है, जिसमें एससी और एसटी समुदायों के कुछ मंत्री भी शामिल हुए थे। इस रात्रिभोज ने यह चर्चा शुरू कर दी कि क्या मार्च के बाद किसी रोटेशनल मुख्यमंत्री या पावर शेयरिंग के फॉर्मूले के तहत राज्य में सत्ता परिवर्तन हो सकता है।
परमेश्वर ने कहा, हमने विधानसभा चुनाव से पहले चित्रदुर्ग में एक एसएसी/एसी सम्मेलन आयोजित किया था और वहं कुछ मांगें थीं, जिन्हें अब हम सरकार में आकर पूरा कर रहे हैं। बैठक का मकस उसी सम्मेलन के बारे में चर्चा करना था। साथ ही केंद्र से मिलने वाली निधियों में कटौती जैसे मुद्दों पर बातचीत करना शामिल था।
उन्होंने यह भी कहा कि यह बैठक पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को सूचित किए बिना एक अंदरूनी बैठक थी और सुरजेवाला ने बैठक में शामिल होने की इच्छा जताई थी। जब उनसे सवाल किया गया कि क्या सुरजेवाला वास्तव में बैठक में भाग लेना चाहते थे या वह इसे रुकवाना चाहते थे, तो परमेश्वर ने कहा, उनकी मंशा हम कुछ दिन बाद जान पाएंगे। फिलहाल बैठक स्थगित की गई है और हम इसे जल्द ही फिर से तय करेंगे।
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बैठक का मकसद एससी/एसटी सम्मेलन की तैयारी पर चर्चा करना था, ताकि एसएसी-एसटी समुदायों का समर्थन मजबूत किया जा सके। परमेश्वर ने बताया कि उन्होंने सुरजेवाला को बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है, जब भी बैठक हो और इस बैठक के पीछे कोई राजनीतिक मंशा नहीं थी, न ही छिपाने के लिए कुछ था।
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परमेश्वर ने कहा, हमने इस बैठक को सुरजेवाला के अनुरोध पर स्थगित किया है, क्योंकि वह इस बैठक में भाग नहीं ले पा रहे थे। बैठक रद्द नहीं की गई गई है, बल्कि यह फिर से तय की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस बैठक का मकसद एससी/एसटी समदाय से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा करना था, न कि किसी राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाना।
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यह घटनाक्रम मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के उस हालिया रात्रिभोज कार्यक्रम के बाद सामने आया है, जिसमें एससी और एसटी समुदायों के कुछ मंत्री भी शामिल हुए थे। इस रात्रिभोज ने यह चर्चा शुरू कर दी कि क्या मार्च के बाद किसी रोटेशनल मुख्यमंत्री या पावर शेयरिंग के फॉर्मूले के तहत राज्य में सत्ता परिवर्तन हो सकता है।
परमेश्वर ने कहा, हमने विधानसभा चुनाव से पहले चित्रदुर्ग में एक एसएसी/एसी सम्मेलन आयोजित किया था और वहं कुछ मांगें थीं, जिन्हें अब हम सरकार में आकर पूरा कर रहे हैं। बैठक का मकस उसी सम्मेलन के बारे में चर्चा करना था। साथ ही केंद्र से मिलने वाली निधियों में कटौती जैसे मुद्दों पर बातचीत करना शामिल था।
उन्होंने यह भी कहा कि यह बैठक पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को सूचित किए बिना एक अंदरूनी बैठक थी और सुरजेवाला ने बैठक में शामिल होने की इच्छा जताई थी। जब उनसे सवाल किया गया कि क्या सुरजेवाला वास्तव में बैठक में भाग लेना चाहते थे या वह इसे रुकवाना चाहते थे, तो परमेश्वर ने कहा, उनकी मंशा हम कुछ दिन बाद जान पाएंगे। फिलहाल बैठक स्थगित की गई है और हम इसे जल्द ही फिर से तय करेंगे।