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Sonam Wangchuk: 'NSA मामले में दम नहीं, सरकार तारीख ले रही है'; सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि का बड़ा आरोप

Sun, 18 Jan 2026 03:00 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Sun, 18 Jan 2026 03:00 PM IST
सार

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि एनएसए मामले में कोई दम नहीं है। सरकार जानबूझकर तारीखें ले रही है, जो लोकतंत्र की स्थिति पर सवाल उठाता है।

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No Merit in NSA Case Against Sonam Wangchuk, Govt Seeking Repeated Dates Says Wife Gitanjali Angmo
सोनम वांगचुक और उनकी पत्नी गीतांजलि - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जलवायु कार्यकर्ता और मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित सोनम वांगचुक की एनएसए के तहत गिरफ्तारी को लेकर उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई ठोस आधार नहीं है, इसी वजह से सरकार अदालत में तारीख पर तारीख मांग रही है।

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समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में गीतांजलि अंगमो ने कहा कि सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि यह देश में लोकतंत्र की स्थिति को दर्शाती है। 
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'अगर सोनम के साथ हो सकता है, तो किसी के साथ भी हो सकता है'
गीतांजलि अंगमो ने कहा यह सिर्फ सोनम की बात नहीं है, यह उस शक्ति के दुरुपयोग की कहानी है जिसके तहत देश के लिए काम करने वाले लोगों को अवैध रूप से हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने चिंता जताई कि इस मामले पर समाज और राजनीति से उतनी मजबूत प्रतिक्रिया नहीं आई, जितनी आनी चाहिए थी।
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NSA में प्रक्रियात्मक चूक का आरोप
अंगमो ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत आरोपी को 5 से 10 दिनों के भीतर सभी दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने चाहिए थे, लेकिन सोनम वांगचुक को अहम वीडियो 28वें दिन दिए गए। उन्होंने कहा कि यह सेक्शन 8 और सेक्शन 11 का स्पष्ट उल्लंघन है, जिसके चलते यह हिरासत आदेश शुरुआत से ही अवैध हो जाता है।

'कॉपी-पेस्ट है हिरासत आदेश'
गीतांजलि अंगमो का आरोप है कि जिला मजिस्ट्रेट का आदेश पुलिस द्वारा भेजे गए प्रस्ताव का कॉपी-पेस्ट है और उसमें स्वतंत्र रूप से दिमाग नहीं लगाया गया। उन्होंने कहा कि कई एफआईआर में सोनम वांगचुक का नाम तक नहीं है और जिन वीडियो का हवाला दिया गया है, वे एक से डेढ़ साल पुराने हैं।


संसद में मुद्दा उठा, लेकिन आवाज धीमी रही
उन्होंने लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा समेत उन नेताओं का आभार जताया जिन्होंने संसद में यह मुद्दा उठाया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि यह मामला जितना उठना चाहिए था, उतना नहीं उठा। गीतांजलि अंगमो ने देश में बढ़ते ध्रुवीकरण पर चिंता जताते हुए कहा कि लोगों को पार्टी और विचारधाराओं से ऊपर उठकर एक जिम्मेदार नागरिक की तरह सोचना चाहिए।

उन्होंने बताया कि इस मामले के चलते एचआईएएल और SECMOL से जुड़े नए शैक्षणिक प्रोजेक्ट्स में देरी हुई है और कुछ फंडर्स पर दबाव भी बनाया जा रहा है। हालांकि उन्होंने इसे सिल्वर लाइनिंग बताते हुए कहा कि अब ज्यादा लोग उनके संस्थानों को जानने लगे हैं।

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