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Karnataka High Court: रात 10 से सुबह छह बजे तक न हो लाउडस्पीकर का इस्तेमाल, कोर्ट का बोम्मई सरकार को निर्देश
Fri, 17 Jun 2022 10:00 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 17 Jun 2022 10:00 PM IST
सार
जस्टिस रितु राज अवस्थी और जस्टिस अशोक एस किनागी की डिविजन बेंच ने प्रशासन को निर्देश दिया कि लाउडस्पीकर, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और वाद्य यंत्रों के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
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- फोटो : istock
विस्तार
कर्नाटक हाई कोर्ट ने राज्य की बोम्मई सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं कि रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक लाउडस्पीकर का इस्तेमाल न हो। इनमें धार्मिक स्थलों, पब्स और रेस्त्रां भी शामि हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार से इसका सख्ती से पालन कराने को कहा है। जस्टिस रितु राज अवस्थी और जस्टिस अशोक एस किनागी की डिविजन बेंच ने प्रशासन को निर्देश दिया कि लाउडस्पीकर, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और वाद्य यंत्रों के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। कोर्ट ने एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने के लिए प्रशासन को तीन हफ्ते का समय दिया।
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अदालत ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को उचित कार्रवाई करने की जरूरत है। अधिकारी किसी भी सूरत में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर, सार्वजनिक संबोधन प्रणाली और अनुमति प्राप्त डेसिबल से अधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले अन्य संगीत वाद्ययंत्रों के उपयोग की अनुमति नहीं देंगे।
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इस याचिका की पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया था कि अधिकारियों ने कुछ प्रतिष्ठानों और धार्मिक स्थलों को लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करने के लिए अवैध रूप से स्थाई लाइसेंस दिया था। हालांकि, सरकारी वकील ने यह भी बताया था कि ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम और पुलिस अधिनियम के तहत ऐसा कोई लाइसेंस नहीं दिया गया है।
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कोर्ट ने इस बयान को दर्ज किया और अधिकारियों को एक अभियान चलाने और रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया। इसके बाद याचिका पर सुनवाई तीन सप्ताह के लिए स्थगित कर दी गई। यह याचिका राकेश पी ने 2021 में दायर की थी।
कोर्ट ने कहा कि हमें सूचित किया गया है कि विभिन्न धार्मिक स्थलों जैसे- मस्जिद, मंदिर (सरकार द्वारा नियंत्रित मंदिरों समेत), गुरुद्वारा और पब-रेत्रां जैसे अन्य स्थानों पर लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।