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Cash-For-Jobs Scam: 'क्राइम ब्रांच पर भरोसा नहीं', AAP गोवा प्रमुख पालेकर ने मामले की न्यायिक जांच की मांग की

Sat, 15 Nov 2025 10:10 AM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी Published by: पवन पांडेय Updated Sat, 15 Nov 2025 10:10 AM IST
सार

Goa Cash-For-Jobs Scam: गोवा में करोड़ों रुपये के नकदी के बदले नौकरी घोटाले में आप गोवा अध्यक्ष अमित पालेकर  ने न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें क्राइम ब्रांच की जांच पर भरोसा नहीं है।

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No faith in crime branch, says Goa AAP, demands judicial inquiry into cash-for-jobs scam
अमित पालेकर, गोवा आप प्रमुख - फोटो : ANI

विस्तार

गोवा में कथित कैश-फॉर-जॉब्स घोटाला एक बार फिर सुर्खियों में है। आरोपी पूजा नाईक के नए आरोपों के बाद आम आदमी पार्टी ने कहा है कि उन्हें क्राइम ब्रांच की जांच पर भरोसा नहीं है और मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए। गोवा आप प्रमुख अमित पालेकर ने शुक्रवार को कहा कि जिस मंत्री पर आरोप लगाए गए हैं, उन्हें तुरंत पद छोड़ देना चाहिए ताकि जांच निष्पक्ष हो सके। उनके शब्दों में, 'हमें क्राइम ब्रांच पर कोई भरोसा नहीं। इस मामले में न्यायिक जांच जरूरी है।'
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पूजा नाईक के गंभीर आरोप
पूजा नाईक, जिन्हें पिछले साल इस घोटाले में गिरफ्तार किया गया था और अब जमानत पर बाहर हैं, ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया। उनका दावा है कि इस घोटाले में एक राज्यमंत्री, एक आईएएस अधिकारी और एक इंजीनियर शामिल हैं। पूजा नाईक ने खास तौर पर राज्य मंत्री और एमजीपी नेता सुदीन धवलीकर पर सीधे आरोप लगाए हैं। हालांकि सुदीन धवलीकर ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है।
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'न पैसे लौटाए गए, न नौकरियां मिलीं'
पूजा नाईक का आरोप है कि मंत्री ने उन्हें दो अधिकारियों से मिलवाया था। इन अधिकारियों ने सरकारी नौकरियां देने के नाम पर 17.68 करोड़ रुपये लिए थे। शुरुआत में कुछ लोगों को नौकरी दी गई, लेकिन बाद में काम बंद कर दिया गया और न पैसे लौटाए गए, न नौकरियां मिलीं। नाईक ने यह भी कहा कि वह एमजीपी दफ्तर में स्टाफ के तौर पर काम करती थीं, इसलिए उनकी उनसे मुलाकात होती रहती थी।

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मंत्री और एमजीपी की सफाई
मामले में सफाई देते हुए सुदीन धवलीकर ने कहा कि उनका इस पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, 'क्राइम ब्रांच जांच कर रही है। उन्होंने 15 दिन का समय मांगा है, हम उनकी रिपोर्ट का इंतजार करेंगे।' दूसरी ओर, एमजीपी प्रमुख दीपक धवलीकर ने कहा कि पूजा नाईक कभी उनके दफ्तर में कर्मचारी रहीं ही नहीं। उन्होंने कहा, 'हमारे पास रिकॉर्ड है। उसका नाम कहीं नहीं है।' मामले में पुलिस के अनुसार, पूजा नाईक के खिलाफ गोवा में इस घोटाले से जुड़े पांच मामले दर्ज किए गए थे। वह 21 नवंबर 2023 को जमानत पर रिहा हुई थीं।
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