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Border Dispute: कर्नाटक विधानसभा में आएगा प्रस्ताव-'महाराष्ट्र के साथ कोई विवाद नहीं', पर बोम्मई ने कही ये बात

Wed, 21 Dec 2022 07:25 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Wed, 21 Dec 2022 07:25 PM IST
सार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दोनों पड़ोसी राज्यों में 56 साल के जारी सीमा विवाद को बढ़ने से रोकने के लिए तीन मंत्रियों की एक समिति गठित की है। समिति में दोनों राज्यों का एक एक मंत्री शामिल है। 

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No dispute with Maharashtra: Karnataka assembly to pass resolution
महाराष्ट्र कर्नाटक सीमा विवाद पर बड़ी पहल - फोटो : ANI

विस्तार

महाराष्ट्र के साथ सीमा विवाद को शांत करने के लिए आज कर्नाटक विधानसभा में प्रस्ताव लाया जा सकता है। इस प्रस्ताव में 'महाराष्ट्र के साथ कोई विवाद' नहीं, यह मुख्य बात होगी। 

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दोनों पड़ोसी राज्यों में 56 साल से जारी सीमा विवाद को बढ़ने से रोकने के लिए तीन मंत्रियों की एक समिति गठित की है। समिति में दोनों राज्यों का एक एक मंत्री शामिल है।
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दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद गहरा रहा है। सीमाओं पर प्रदर्शन हो रहे हैं। बीते दिनों बस व ट्रकों पर पथराव जैसी उग्रता भी नजर आई थी। कर्नाटक के बेलगावी में चल रहे विधानसभा सत्र में मंगलवार को आधे दिन तक सीमा विवाद पर चर्चा हुई थी। बुधवार को कर्नाटक विधानसभा के दोनों सदन इस आशय का प्रस्ताव पारित कर सकते हैं।
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सीएम बोम्मई ने रखा प्रस्ताव का सुझाव
मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को सदन में चर्चा के दौरान सुझाव दिया था कि दोनों सदनों को यह कहते हुए एक प्रस्ताव पारित करना चाहिए कि सीमा विवाद का मुद्दा सुलझा लिया गया है, जिस पर विपक्षी नेता सिद्धारमैया ने सहमति जताई थी।

भाषाई आधार पर राज्यों के गठन के वक्त सीमाएं तय 
संभावित प्रस्ताव में कहा गया है कि 'जब भाषाई आधार पर राज्यों का गठन किया गया था, उसी दिन सीमाएं भी निर्धारित कर दी गई थीं। जहां तक कर्नाटक का सवाल है, महाराष्ट्र के साथ उसका कोई सीमा विवाद नहीं है और जस्टिस महाजन समिति की सिफारिशें अंतिम हैं।' 

सिद्धारमैया ने उठाया था मामला, सीएम बोले जल्द सर्वदलीय बैठक
मंगलवार को शून्यकाल के दौरान विपक्ष के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सीमा विवाद का मुद्दा उठाया था। सीएम बोम्मई ने जवाब दिया कि जहां तक राज्य का संबंध है, सीमा विवाद सुलझा लिया गया है और राज्य महाराष्ट्र को एक इंच जमीन नहीं देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही इस मामले पर सर्वदलीय बैठक करेगी।

1986 में शरद पवार पाबंदी के बावजूद कर्नाटक पहुंच गए थे
बोम्मई ने सिद्धारमैया को याद दिलाया कि जून 1986 में शरद पवार, मौजूदा राकांपा अध्यक्ष प्रतिबंध के बाद भी कर्नाटक में घुस गए थे और बेलगावी में आकर एक घर में छिप गए थे। इसके बाद उन्होंने 'महाराष्ट्र एकीकरण समिति' (MES) और शिवसेना द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था। सीएम ने कहा कि इसी तरह हाल ही में कर्नाटक सरकार द्वारा लगाई गई पाबंदी के बाद भी महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रकांत पाटिल व शंभुराज देसाई ने बेलगावी आकर महाराष्ट्र समर्थकों से मुलाकात की तैयारी की थी, लेकिन राज्य सरकार ने सीमा पर कड़ी नजर रखी। बोम्मई ने कहा कि उनकी सरकार ने महाराष्ट्र की इन चालों की इजाजत नहीं दी। 


अयोध्या की तर्ज पर राज्य में राम मंदिर निर्माण की मांग की
कर्नाटक के रामनगर जिले के प्रभारी मंत्री सीएन अश्वत्थ नारायण ने मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई से अयोध्या के श्रीराम मंदिर की तर्ज पर रामदेवराबेट्टा में एक मंदिर बनाने के लिए विकास समिति गठित करने का आग्रह किया है। बोम्मई और धर्मादा मंत्री शशिकला जोले को लिखे पत्र में नारायण ने मांग की है कि कर्नाटक के रामनगर जिले में रामदेवराबेट्टा को दक्षिण भारत के अयोध्या के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रामदेवराबेट्टा में धर्मादा विभाग की 19 एकड़ जमीन का इस्तेमाल करके श्रीराम मंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए।

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