यूजीसी और एआईसीटीई के विलय पर कोई फैसला नहीं हुआ : निशंक
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मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बृहस्पतिवार को कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के विलय पर अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया। निशंक ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी।
पिछले साल मंत्रालय ने यूजीसी एक्ट 1951 को रद्द कर यूजीसी में बदलाव की घोषणा की थी। इसको लेकर एक मसौदा विधेयक सार्वजनिक पटल पर फीडबैक के लिए रखा गया था हालांकि बाद में तय हुआ कि उच्च शिक्षा आयोग एआईसीटीई की जगह लेगा।इससे पहले इस साल सितंबर में मंत्री ने ट्वीट कर बताया था कि बिल अंतिम चरण में है और इसे अक्तूबर में कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।
मंत्रालय के वित्तीय नियंत्रण का हुआ था विरोध
मंत्री ने बताया कि प्रस्ताव के तहत भारतीय उच्च शिक्षा आयोग को एआईसीटीई की जगह विश्वविद्यालयों के शैक्षिक मामलों की जिम्मेदारी सौंपी जानी थी, जबकि मानव संसाधन विकास मंत्रालय को अनुदान जारी करने की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन विभिन्न छात्र समूहों ने इसका विरोध किया था। एआईसीटीई मूल रूप से इंजीनियरिंग, फार्मा, मैनेजमेंट और अन्य तकनीकी संस्थाओं के नियामक के तौर पर काम करता है। यूजीसी के जिम्मे देश भर के विश्वविद्यालय आते हैं।