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माघ मेले तक गंगा में शव प्रवाहित करने पर रोक, न मानने पर होगी कार्रवाई

Sat, 10 Dec 2016 02:31 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, इलाहाबाद
ब्यूरो/ अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Sat, 10 Dec 2016 02:31 AM IST
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No dead body allowed in Ganga river till one month of Magh Mela

कमिश्नर राजन शुक्ला ने निर्देश जारी किए हैं कि इलाहाबाद समेत कानपुर, उन्नाव और फतेहपुर के जिन गांवों में शवों को प्रवाहित करने की प्रथा है, वहां माघ मेला तक इस पर रोक लगा दी जाए। इसके बावजूद कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाए। कमिश्नर ने शुक्रवार को गंगा की अविरलता एवं निर्मलता को लेकर इलाहाबाद समेत फतेहपुर, कानपुर और उन्नाव के अफसरों के साथ बैठक की।

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मंडलायुक्त ने सभी जगह के अपर जिलाधिकारियों से कहा कि जहां शवों को गंगा में प्रवाहित करने की प्रथा है, वहां हलफनामा ले लिया जाए कि माघ मेला तक ऐसा नहीं होगा। इसके अलावा ऐसे स्थानों को चिह्नित कर वहां जाल लगा दिया जाए। कोई नहीं मानता है तो उसके खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाए। 
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मेला क्षेत्र में आयोजित बैठक के दौरान कमिश्नर ने गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के जीएम को निर्देश दिया कि अनटैप्ड नालों के पानी को शोधित करने के बाद ही गंगा में छोड़ा जाए। यह भी कहा कि मोरी नाले के गंदे पानी को डायवर्ट कर गऊघाट सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध करने के बाद नदी में छोड़ा जाए।
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सिंचाई विभाग के अफसरों से कहा कि नरौरा और टिहरी से जल छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा डलमऊ-1 एवं 2 पम्प कैनालों को बंद कर पानी गंगा में प्रवाहित किया जाए। साथ ही स्नान के दिनों में कानपुर बैराज से भी गंगा में जल छोड़ा जाए।

गंगा के प्रदूषण की होगी नियमित जांच

No dead body allowed in Ganga river till one month of Magh Mela

कमिश्नर ने बायोलॉजिकल ट्रीटमेंट प्लांट में पानी को शुद्ध करने के साथ एसटीपी को दुरुस्त करने और जरूरत पड़ने पर पंपों को बदलने का निर्देश दिया। यह भी गंगा के प्रदूषण नियंत्रण इकाई सप्ताह में दो बार एसटीपी के प्रदूषण का स्तर चेक करेगी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इसका दोबारा परीक्षण करेगा।

अगर रिपोर्ट गलत पाई गई तो संबंधित अफसर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मेला क्षेत्र में पांटून पुल के निर्माण में देरी पर कमिश्नर ने पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन डॉ. हंसराज पर नाराजगी जताई। 

डीएम संजय कुमार ने कानपुर एवं उन्नाव से आए अपर जिलाधिकारियों से कहा कि चमड़े के कारखानों का औचक निरीक्षण करें और वहां के एसडीएम को भी निरीक्षण करने को निर्देशित करें।

यह भी कहा कि कानपुर में क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी हर दूसरे दिन गंगा जल का सैंपल लेकर परीक्षण करेंगे और इसकी रिपोर्ट कानपुर एवं इलाहाबाद मंडल के कमिश्नर को देंगे। डीएम ने गंगा में कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग को क्रेट्स लगाने के निर्देश दिए।

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