अविश्वास प्रस्ताव : वोटिंग से पहले जानें एनडीए और यूपीए खेमे में कौन किधर
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत जोरदार हंगामे और शोर-शराबे के साथ हुई है। आज चार साल पुरानी मोदी सरकार को पहली बार अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ेगा। पहले अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी और उसके बाद शाम 6 बजे वोटिंग होगी। एनडीए की सहयोगी रही तेलगु देशम पार्टी (टीडीपी) ने इसका नोटिस लोकसभा महासचिव को दिया था, जिसका कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने भी समर्थन किया। आप भी जानिए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर अब तक क्या कुछ हो रहा है।
अविश्वास प्रस्ताव पर बीजेपी का जीतना लगभग तय
अंकों के गणित में वैसे तो लोकसभा में एनडीए पूरी तरह से सेफ जोन में है। मौजूदा समय में लोकसभा में कुल 536 सदस्य हैं। इसमें दो नामित सदस्य भी शामिल हैं जबकि 9 सीट खाली हैं। यानी स्पीकर को हटा दें तो कुल संख्या 535 हो जाती है। लिहाजा, बहुमत के लिए 268 सदस्य चाहिए। लोकसभा में दलगत स्थिति की बात की जाए तो बीजेपी के पास कुल 273 (स्पीकर को छोड़कर) सदस्य हैं। एनडीए के कुल आंकड़ों को देखें तो यह 358 तक पहुंच जाता है। यानी सरकार के पास पर्याप्त संख्या बल है। लिहाजा, अविश्वास प्रस्ताव से तो बीजेपी पहले ही निश्चिंत है। सूत्रों के मुताबिक मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष की ओर से लाये गए अविश्वास प्रस्ताव पर शुक्रवार को होने वाले मत विभाजन में सरकार को 314 सांसदों का समर्थन मिलेगा।
अविश्वास प्रस्ताव पर कुछ खुलकर साथ तो कुछ ने नहीं खोले अभी पत्ते
अमित शाह और उद्धव ठाकरे की फोन पर बातचीत के बाद शिवसेना की तरफ से मोदी सरकार को समर्थन की खबर सामने आई। शिवसेना ने अपने सांसदों को व्हिप जारी कर कहा है कि वह शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव पर सरकार का समर्थन करें। सूत्रों का कहना है कि शिवसेना अविश्वास प्रस्ताव में तो बीजेपी का साथ देगी लेकिन दोनों 2019 का चुनाव साथ नहीं लड़ेंगी।
अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में डीएमके
डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने साफ कर दिया है कि वो टीडीपी द्वारा लाए अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि हम एआइएडीएमके से भी संसद में अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने का अनुरोध करते हैं।
एआईएडीएमके अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगी- पलनीसामी
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलनीसामी ने कहा है कि एआईएडीएमके अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगी। पार्टी का कहना है कि कावेरी मुद्दे पर किसी ने साथ नहीं दिया इसलिए यह फैसला लिया गया है।
अविश्वास प्रस्ताव के साथ में रहेगी तृणमूल कांग्रेस
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी अविश्वास प्रस्ताव के साथ है। टीएमसी ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी कर दिया है।
टीआरएस अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगी- सूत्र
वैसे तो तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) गैर बीजेपी और गैर कांग्रेस मोर्चा बनाने में जुटी है लेकिन अविश्वास प्रस्ताव पर अभी पार्टी का स्टैंड खुलकर सामने नहीं आया है। हालांकि सूत्रों की मानों तो टीआरएस अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगी।
बीजू जनता दल ने अपने सांसदों को जारी किया व्हिप
अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में चर्चा और वोटिंग को लेकर बीजू जनता दल (BJD) ने अपने सभी सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है। बीजू जनता दल ने व्हिप में कहा है कि शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के लिए संसद में सभी सांसदों का मौजूद रहना अनिवार्य है।
शत्रुघ्न सिन्हा, रॉबर्ट्सगंज से दलित सांसद छोटेलाल और इटावा से दलित सांसद अशोक दोहरे भी देंगे साथ
अविश्वास प्रस्ताव को लेकर भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा और रॉबर्ट्सगंज से दलित सांसद छोटेलाल और इटावा से दलित सांसद अशोक दोहरे अविश्वास प्रस्ताव के विरोध में वोट करेंगे। हालांकि शत्रुघ्न सिन्हा पहले भी सीधे तौर पर पीएम मोदी को निशाना बना चुके हैं। योगी सरकार के खिलाफ पीएम मोदी को पत्र लिखने वाले रॉबर्ट्सगंज से दलित सांसद छोटेलाल और इटावा से दलित सांसद अशोक दोहरे ने दलितों के मुद्दे पर पीएम को पत्र लिख कर नाराज़गी जताई थी।
अविश्वास प्रस्ताव को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष, दोनों ही इसे लेकर कोई मौका गंवाना नहीं चाह रहे हैं। अविश्वास प्रस्ताव पर रणनीति तैयार करने के लिए गुरुवार को जहां पीएम मोदी अपने मंत्रियों से मिले, वहीं सोनिया गांधी ने कांग्रेस की संसदीय दल की बैठक बुलाई है। मोदी सरकार जहां अविश्वास प्रस्ताव को गिरा विधानसभा चुनावों से पहले नैतिक जीत दिखाना चाहती है, वहीं विपक्ष इसी बहाने सरकार को मुद्दों पर घेरना चाहता है।