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Taiwan Row: ताइवान पर भारत के रुख में बदलाव नहीं, दोनों देशों के बीच मजबूत हो रहे आर्थिक और सांस्कृतिक संबंध

Tue, 19 Aug 2025 02:36 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 19 Aug 2025 02:36 PM IST
सार

Taiwan Row: भारत ने ताइवान को लेकर अपने रुख में कोई बदलाव नहीं किया है। भारत और ताइवान के बीच मुख्य रूप से आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक संबंध हैं, जिन्हें भारत आगे भी जारी रखना चाहता है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

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No change in India's position on Taiwan: Govt sources
एस जयशंकर। - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

ताइवान को लेकर भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं हुआ है। भारत का ताइवान के साथ ऐसा संबंध है, जो मुख्य रूप से आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक संबंधों पर केंद्रित है। सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।  
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यह स्पष्टीकरण तब सामने आया है, जब चीनी मीडिया ने खबर दी कि सोमवार को चीनी समकक्ष वांग यी की बैठक के दौरान जयशंकर ने दोहराया कि नई दिल्ली ताइवान को चीन का हिस्सा मानता है। हालांकि, जयशंकर ने इस वार्ता में ताइवान के मुद्दे पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया था।
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सूत्रों ने कहा, ताइवान को लेकर हमारे रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा, हमने यह बात दोहराई कि बाकी दुनिया की तरह भारत का ताइवान के साथ ऐसा संबंध है, जो आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक क्षेत्रों पर आधारित है और हम इस संबंध को आगे भी जारी रखना चाहते हैं। सोमवार को वांग यी के दिल्ली पहुंचने के कुछ ही समय बाद दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच कई मुद्दों पर व्यापक बातचीत हुई। 

  
अतीत में भारत ने 'एक चीन' नीति का समर्थन किया है। लेकिन बीते कई वर्षों से यह बात किसी भी द्विपक्षीय दस्तावेज में नहीं आई है। हालांकि, भारत और ताइवान के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं, फिर भी दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं।  

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भारत ने 1995 में ताइवान की राजधानी ताइपे में भारत ताइपे संघ (आईटीए) की स्थापना की थी। इसका मकसद दोनों पक्षों के बीच संपर्क को बढ़ावा देना और व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को आसान बनाना था। आईटीए को पासपोर्ट और वीजा सहित सभी दूतावास सेवाएं प्रदान करने की अनुमति भी दी गई है। उसी साल ताइवान ने भी दिल्ली में ताइपे आर्थिक एवं सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना की थी। 
 

 
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