फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Nityananda Gond says Odisha govt to 'examine' Supreme Court decision to make TET mandatory for all teachers

Odisha: शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य वाले 'सुप्रीम आदेश' पर मंत्री बोले- फैसले का अध्ययन करेगी ओडिशा सरकार

Tue, 02 Sep 2025 03:23 PM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Tue, 02 Sep 2025 03:23 PM IST
सार

ओडिशा के स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि शिक्षक बनने के इच्छुक और सेवारत शिक्षकों, दोनों के लिए टीईटी पास करना जरूरी है, इसलिए हमारा विभाग इस आदेश का अध्ययन करेगा और शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखकर निर्णय लेगा।

विज्ञापन
Nityananda Gond says Odisha govt to 'examine' Supreme Court decision to make TET mandatory for all teachers
स्कूल और जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड, ओडिशा - फोटो : X(@NityanandaBJP)

विस्तार

ओडिशा सरकार ने मंगलवार को कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का अध्ययन करेगी, जिसमें शिक्षकों की नियुक्ति और सेवा में बने रहने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य कर दिया गया है। यह जानकारी ओडिशा के स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने दी। 

विज्ञापन


गोंड ने कहा, 'चूंकि सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि शिक्षक बनने के इच्छुक और सेवारत शिक्षकों, दोनों के लिए टीईटी पास करना जरूरी है, इसलिए हमारा विभाग इस आदेश का अध्ययन करेगा और शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखकर निर्णय लेगा।' उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अन्य राज्यों द्वारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उठाए जा रहे कदमों का भी अध्ययन करेगी। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Supreme Court: शिक्षकों के नौकरी में बने रहने के लिए टीईटी अनिवार्य, सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए अहम निर्देश
विज्ञापन
विज्ञापन


2011 से पहले टीईटी का नहीं था कोई प्रावधान
मंत्री गोंड ने कहा कि ओडिशा में कई शिक्षक पहले से कार्यरत हैं, जिन्होंने ओडिशा शिक्षक पात्रता परीक्षा (ओटीईटी) पास नहीं की है। उन्होंने कहा कि 2011 से पहले, जब उनकी भर्ती हुई थी, तब टीईटी का कोई प्रावधान नहीं था। इसलिए राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस मामले पर विचार-विमर्श करना होगा। गोंड ने यह भी बताया कि सरकार विशेष टीईटी परीक्षा आयोजित करने की योजना बना रही है, ताकि सेवारत शिक्षकों को मौका मिल सके।


भर्ती-पदोन्नति के लिए टीईटी पास करना जरूरी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, भर्ती और पदोन्नति दोनों के लिए टीईटी पास करना जरूरी होगा। जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच साल से ज्यादा का समय बचा है, उन्हें दो साल के भीतर परीक्षा पास करनी होगी, वरना उन्हें स्वैच्छिक या अनिवार्य सेवानिवृत्ति लेकर सेवानिवृत्ति लाभ लेने होंगे। हालांकि, प्राथमिक विद्यालय स्तर पर काम कर रहे वे शिक्षक जिनकी सेवा में अब पांच साल से कम समय बचा है, उन्हें टीईटी से छूट दी गई है, लेकिन ऐसे शिक्षक पदोन्नति के पात्र नहीं होंगे।

ये भी पढ़ें: CBI: हथियार-गोला बारूद तैयार करने में भ्रष्टाचार का आरोप, आयुध निर्माणी के पूर्व अफसर पर मामला दर्ज, जानिए

शिक्षक संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट से फैसले पर पुनर्विचार की अपील की
ओडिशा के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाए और टीईटी की शर्त केवल नई भर्तियों पर लागू हो, न कि पुराने शिक्षकों पर। विद्यालय एवं जन शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि देश में प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 8 तक) के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए टीईटी को न्यूनतम योग्यता माना गया है, और यह शर्त सरकारी व कुछ निजी स्कूलों दोनों में लागू होती है।





 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed