फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   nitish kumar focus 2017 election

नीतीश ने मिशन 2019 के लिए कसी कमर

Mon, 18 Apr 2016 05:16 AM IST
हिमांशु मिश्र / अमर उजाला, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र / अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 18 Apr 2016 05:16 AM IST
विज्ञापन
nitish kumar focus 2017 election

बीते साल ‘मिशन बिहार’ में नीतीश कुमार को राजग पर बड़ी बढ़त दिलाने वाले रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने अब बिहार के मुख्यमंत्री के लिए ‘मिशन 2019’ की पटकथा लिखने का सिलसिला शुरू कर दिया है। अगले लोकसभा चुनाव में तीन साल का बाकी हैं, लेकिन भावी चुनावी जंग को नीतीश बनाम मोदी में तब्दील करने की तैयारी अभी से शुरू हो गई है।

विज्ञापन


इस क्रम में नीतीश भाजपा के राष्ट्रवाद के जवाब में धर्म निरपेक्षता और सामाजिक न्याय की पिच पर बैटिंग करते दिखेंगे। इसके लिए बीते लोकसभा चुनाव में कभी भाजपा को ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ का नारा देने वाले प्रशांत ने नीतीश को ‘संघ मुक्त भारत’ का नारा दिया है।
विज्ञापन


पहली बार जदयू की कमान संभाल कर केंद्र की राजनीति में मोदी विरोधी राजनीति का केंद्र बनने की कोशिशों में जुटे नीतीश पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा विरोधी ताकतों को एकजुट करने की मुहिम छेड़ेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे पहले अपना घर मजबूत करने के लिए नीतीश पहले से ही जनता परिवार से संबंधित दलों में से कुछ दलों का विलय कराने की कोशिशों में जुटे हैं। जदयू के रणनीतिकारों का मानना है कि पीएम मोदी की काट ढूंढने में जुटी कमजोर कांग्रेस नीतीश के अभियान में शामिल हो सकती है। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने केंद्र की राजनीति में मोदी विरोधी फ्रंट की जरूरत बता कर इसी आशय का संकेत दिया है।

‘मिशन 2019’ में नीतीश के लिए प्रशांत अहम

nitish kumar focus 2017 election

नीतीश के लिए ‘मिशन 2019’ की रूपरेखा तैयार करने के लिए प्रशांत बेहद अहम भूमिका निभा रहे हैं। खासकर प्रशांत नीतीश और कांग्रेस के बीच महत्वपूर्ण सेतु का काम कर रहे हैं। इस क्रम में प्रशांत ने कांग्रेस को असम विधानसभा चुनाव में अपनी सेवाएं दी हैं।

इसके अलावा वह उत्तर प्रदेश और पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए भी कांग्रेस को लगातार सलाह दे रहे हैं। उन्होंने पंजाब कांग्रेेस के अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर के लिए ‘कॉफी विद कैप्टन’ कार्यक्रम की शुरुआत की है। वहीं कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी को आगे लाने की सलाह दी है। खुद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी लगातार प्रशांत किशोर के संपर्क में हैं।

कांग्रेस के साथ भाजपा से मुकाबला
बीते ढाई दशक में हर चुनाव के पहले बनने वाले तीसरे मोर्चे की राजनीति ‘गैर कांग्रेस-गैर भाजपा’ केंद्रित होती थी। हालांकि चुनाव के बाद तीसरे मोर्चे के दल धर्म निरपेक्षता के नाम पर कांग्रेस से गले मिलते देखे गए।

नीतीश की ‘मिशन 2019’ की रणनीति चुनाव से पहले ही गैर भाजपा फ्रंट खड़ा करने की है। जदयू के रणनीतिकारों को लगता है कि आरक्षण, दलित उत्पीड़न और सांप्रदायिकता के सवाल पर मोदी विरोधी ताकतों को एकजुट किया जा सकता है। इसमें अड़चन न आए इसलिए नीतीश ने शरद यादव को किनारे कर खुद ही जदयू की कमान संभाल ली है।

बयानों के मायने

मोदी सरकार और भाजपा देश में राष्ट्रवाद के नाम पर सांप्रदायिक उन्माद को बढ़ावा दे रही है। ऐसे में देश में पीएम मोदी विरोधी फ्रंट की सख्त जरूरत है।
- दिग्विजय सिंह, महासचिव, कांग्रेस

दिग्विजय सिंह को बताना चाहिए कि इस मोदी विरोधी फ्रंट में राहुल की क्या भूमिका होगी? नीतीश ने भाजपा के साथ एक दशक से ज्यादा वक्त गुजारा है। अब अगर वह संघ मुक्त भारत की बात करते हैं तो इसका आशय समझा जा सकता है।
- श्रीकांत शर्मा, राष्ट्रीय सचिव, भाजपा

असहिष्णुता, सांप्रदायिक उन्माद लगातार बढ़ता जा रहा है। संविधान प्रदत्त आरक्षण पर सवाल उठाए जा रहे हैं। जाहिर है कि सियासी दलों को इसके खिलाफ एकजुट होना होगा। आखिरकार सवाल देश की एकता और अखंडता का है।
- अली अनवर अंसारी, सांसद, जदयू

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed