फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   ‘Nitish Kumar desperate to become PM’: Ex-minister targets Bihar CM

Bihar Politics: पूर्व मंत्री सुधाकर सिंह ने सीएम को लिया निशाने पर, कहा- नीतीश पीएम बनने को बेताब

Mon, 17 Oct 2022 10:34 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कैमूर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कैमूर Published by: Amit Mandal Updated Mon, 17 Oct 2022 10:34 PM IST
सार

विधायक ने कहा कि मैं व्यक्तिगत मुद्दों के बारे में बात नहीं कर रहा था बल्कि उन मुद्दों को रख रहा था जो मेरी पार्टी के एजेंडे में थे। इन लोगों ने गरीबों के मुद्दों से बचने की जुर्रत की क्योंकि वे जानते थे कि वोट मुद्दों पर नहीं बल्कि जाति के आधार पर डाला जाता है।

विज्ञापन
‘Nitish Kumar desperate to become PM’: Ex-minister targets Bihar CM
बिहार के पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह - फोटो : ट्विटर / सुधाकर सिंह

विस्तार

राष्ट्रीय जनता दल के विधायक सुधाकर सिंह ने एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को निशाने पर लिया है। 2 अक्टूबर को बिहार के कृषि मंत्री के पद से इस्तीफा देने वाले सुधाकर ने कहा कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री बनने के लिए बेताब हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि अगर नीतीश प्रधानमंत्री नहीं बने तो उनकी आत्मा असंतुष्ट रहेगी। कुछ लोग सोचते हैं कि स्वर्ग का रास्ता प्रधानमंत्री के पद से होकर गुजरता है। राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे सुधाकर सिंह ने कैमूर जिले के हाटा बाजार में खरवार आदिवासी समूहों द्वारा आयोजित अपने अभिनंदन समारोह के अवसर पर एक रैली को संबोधित करते हुए आरोप लगाया।  

विज्ञापन


विधायक सुधाकर ने अपने विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था
सिंह अपने इस्तीफे से पहले सरकार की आलोचना कर रहे थे और अपने विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। अपने इस्तीफे से एक दिन पहले उन्होंने कहा था कि वह राज्य में महागठबंधन सरकार के गठन के साथ अपने विभाग में  भाजपा के एजेंडे को जारी रखने की अनुमति नहीं देंगे। रविवार को उन्होंने कहा कि राज्य सरकार में एक मास्टर है और बाकी सभी केवल रबर स्टैम्प हैं। राज्य सरकार में एक मलिक है और बाकी मुख्तार (एजेंट) हैं। मेरी पार्टी के कुछ अच्छे नेताओं को छोड़कर वे सभी रबर स्टैंप हैं। 
विज्ञापन


सरकार के 10 लाख नौकरियां देने की घोषणा को 'जुमला' बताते हुए सिंह ने कहा कि जब किसी को देने के लिए कोई नौकरी नहीं है, तो चाहे 10 लाख की बात करें या 20 लाख की क्या फर्क पड़ता है। जब 15 लाख के जुमले ने काम किया, तो यह भी काम करेगा। मुख्यमंत्री ने किसानों और मेरे द्वारा उठाए गए गरीब लोगों की शिकायतों को क्यों नहीं सुना। मैं व्यक्तिगत मुद्दों के बारे में बात नहीं कर रहा था बल्कि उन मुद्दों को रख रहा था जो मेरी पार्टी के एजेंडे में थे। इन लोगों ने गरीबों के मुद्दों से बचने की जुर्रत की क्योंकि वे जानते थे कि वोट मुद्दों पर नहीं बल्कि जाति के आधार पर डाला जाता है। आज एक किसान के बेटे ने खेती के पारंपरिक व्यवसाय के बजाय चपरासी बनना पसंद करता है। सिंह ने कहा कि खारवार जनजाति अपनी सामाजिक-आर्थिक मान्यता और उत्थान के लिए संघर्ष कर रही है लेकिन यह विभाग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed