कबाड़ नीति एक महीने में हो जाएगी तैयार, मोटर वाहन उद्योग को होगा फायदा
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देश के मोटर वाहन उद्योग के लिए संजीवनी मानी जानी वाली बहुप्रतीक्षित वाहन कबाड़ नीति (मोटर स्क्रैप पालिसी) इसी महीने तैयार कर ली जाएगी। प्रदूषण घटाने में सहायक इस नीति पर इन दिनों तेजी से काम हो रहा है और अगले एक महीने के अंदर इसे मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेज दिया जाएगा। यह जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को दी।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोटिव डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) की 11वीं ऑटो समिट, 2020 की शुरुआत करते हुए गडकरी ने कहा कि वाहन कबाड़ नीति पर संबंधित मंत्रालयों और हित धारकों से अनापत्ति ले ली गई है और अब इससे संबंधित केबिनेट नोट बनाने की प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि अगले 15 दिनों में यह नीति तैयार हो जाएगी। उसके बाद उसे मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इसके आ जाने के बाद मोटर वाहन उद्योग की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो जाएगी।
नियम हो जाएंगे कड़े
मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इस नीति में 15 साल से पुराने वाहनों के लिए पंजीकरण और फिटनेस से जुड़े नियमों को कड़ा किया जा सकता है। एक अनुमान के अनुसार इस समय देश में 15 साल से पुराने करीब दो करोड़ वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
यदि यह नीति आ गई तो इनमें से अधिकतर वाहन कबाड़ घोषित हो जाएंगे। नए प्रदूषण उत्सर्जन मानकों के हिसाब से देखा जाए, तो पुराने वाहनों से प्रदूषण 10 से 25 गुना ज्यादा होता है। यदि ऐसे वाहनों का रख-रखाव काफी सावधानी से भी किया जाए, तो भी उनसे नए वाहनों के मुकाबले काफी ज्यादा धुआं निकलता है।