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Nitin Gadkari: 'सड़क निर्माण में खामियों को गैर-जमानतीय अपराध बनाया जाए', रोड की निराशाजनक हालत पर बिफरे गडकरी
Thu, 16 Jan 2025 06:44 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Thu, 16 Jan 2025 06:44 PM IST
सार
उद्योग मंडल सीआईआई द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के मामले में दुनिया में भारत नंबर एक पर है।
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नितिन गडकरी
- फोटो : PTI
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विस्तार
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि अगर सड़क निर्माण में कोई खामी होती है, तो इसे गैर-जमानतीय अपराध बनाया जाना चाहिए। साथ ही सड़क ठेकेदारों तथा इंजीनियरों को दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए और उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए।
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'पांच लाख हादसे हुए'
उद्योग मंडल सीआईआई द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दुनिया में सड़क दुर्घटनाओं के मामले में भारत नंबर एक पर है। महज 2023 में पांच लाख सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं।
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उन्होंने कहा, 'सड़क निर्माण में खामी पाया जाना गैर जमानतीय अपराध होना चाहिए। इसके साथ ही ठकेदारों और इंजीनियरों को हादसों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए और उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। 2023 में पांच लाख हादसे हुए, जिनमें 1,72,000 लोगों की जान गई। इसमें से 66.4 फीसदी यानी 1,14,000 मरने वाले लोगों की उम्र महज 18 से 45 थी। वहीं, 10 हजार बच्चों की मौत हुई थीं।'
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55 हजार मौतें हेलमेट न पहनने के कारण
उन्होंने आगे कहा कि मंत्रालय का उद्देश्य 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को आधा करना है। उन्होंने यह भी कहा कि 55,000 मौतें हेलमेट न पहनने के कारण और 30,000 मौतें सीट बेल्ट न पहनने के कारण हुईं। साथ ही, उन्होंने कहा कि मंत्रालय सड़कों पर ब्लैक स्पॉट (खतरनाक स्थान) को सुधारने के लिए 40,000 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है।
गडकरी ने उद्योग और अन्य संबंधित पक्षों से सरकार के साथ मिलकर ड्राइवर प्रशिक्षण और फिटनेस सेंटर स्थापित करने का आह्वान किया, ताकि देश में ड्राइवरों की कमी को दूर किया जा सके।
क्या बोले उमाशंकर?
सड़क परिवहन सचिव वी उमाशंकर ने इस मौके पर कहा कि सड़क सुरक्षा की पहलों को एक जन आंदोलन में बदलने की जरूरत है और हर दुर्घटना के बिंदु को समझना चाहिए।