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क्या खत्म होने वाला है पेट्रोल-डीजल का खेल?: गडकरी का बड़ा दावा- अब ₹25 वाले ईंधन से ही दौड़ेगी गाड़ियां
Sat, 23 May 2026 01:31 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, नागपुर।
पीटीआई, नागपुर।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sat, 23 May 2026 01:31 PM IST
सार
नितिन गडकरी का यह बयान पेट्रोल-डीजल पर हमारी निर्भरता को खत्म करने की दिशा में एक बड़ी पहल है। इथेनॉल और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल से जहां आम आदमी को सस्ता और प्रदूषण-मुक्त सफर मिलेगा, वहीं आयात कम होने से देश का पैसा बचेगा और किसानों की कमाई भी बढ़ेगी।
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नितिन गडकरी, केंद्रीय परिवहन मंत्री
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि हमारे देश में प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह पेट्रोल और डीजल हैं। परिवहन मंत्री के तौर पर उन्हें इस बात की खुशी है कि देश में अब इलेक्ट्रिक स्कूटर, इलेक्ट्रिक कार, बस, ट्रक और यहां तक कि इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर भी आ गए हैं। उन्होंने कहा कि इसका एक बड़ा फायदा यह हुआ है कि अब हमारे किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं रहे, बल्कि वे देश के लिए ऊर्जा और ईंधन भी पैदा कर रहे हैं।
₹25 लीटर पड़ेगा गाड़ी का खर्च
गडकरी ने अपनी गाड़ी का उदाहरण देते हुए बताया, 'आज मैं जिस गाड़ी से आया हूं, वह 100 प्रतिशत बायो-इथेनॉल से चलती है। इथेनॉल की कीमत अभी 65 रुपये प्रति लीटर है। खास बात यह है कि यह गाड़ी चलते समय 60 प्रतिशत बिजली भी बनाती है।' मंत्री गडकरी ने कहा कि पिछले डेढ़ साल से इसी गाड़ी का इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर पेट्रोल और डीजल से इसकी तुलना की जाए, तो गाड़ी चलाने का असल खर्च करीब 25 रुपये प्रति लीटर ही आता है। यह ईंधन सस्ता है, पूरी तरह स्वदेशी है और आयात को कम करने के साथ-साथ प्रदूषण भी नहीं फैलाता। उन्होंने बताया कि ऐसे फ्लेक्स-फ्यूल इंजन वाली गाड़ियां जल्द ही बड़े पैमाने पर बाजार में उतारी जाएंगी।
यह भी पढ़ें: 'कल को रुबियो तय करेंगे PM मोदी का मंत्रिमंडल': सांसद ब्रिटास ने केंद्र को घेरा, कहा- अब US तय कर रहा शर्तें
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मारुति लॉन्च करेगी नई गाड़ियां
गडकरी ने यह भी कहा कि इस साल पर्यावरण दिवस के मौके पर दिल्ली में एक कार्यक्रम होने जा रहा है। इस कार्यक्रम में मारुति सुजुकी 100 प्रतिशत इथेनॉल से चलने वाली अपनी गाड़ियां लॉन्च करेगी। अभी टोयोटा, टाटा, महिंद्रा और सुजुकी जैसी कुल 12 कंपनियों ने ऐसे वाहन बाजार में उतार दिए हैं। इसके अलावा, टू-व्हीलर भी बाजार में आ चुके हैं।
विदेशों से खरीदते हैं 87 प्रतिशत ईंधन
गडकरी ने लोगों से पेट्रोल, डीजल और गैस का इस्तेमाल कम करने की अपील की। उन्होंने इसका कारण बताते हुए कहा कि हम अपनी जरूरत का 87 प्रतिशत ईंधन दूसरे देशों से मंगाते हैं। बाहर से आने वाला यह ईंधन देश में न सिर्फ प्रदूषण बढ़ाता है, बल्कि इससे हमारा आयात भी काफी ज्यादा बढ़ जाता है।
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₹25 लीटर पड़ेगा गाड़ी का खर्च
गडकरी ने अपनी गाड़ी का उदाहरण देते हुए बताया, 'आज मैं जिस गाड़ी से आया हूं, वह 100 प्रतिशत बायो-इथेनॉल से चलती है। इथेनॉल की कीमत अभी 65 रुपये प्रति लीटर है। खास बात यह है कि यह गाड़ी चलते समय 60 प्रतिशत बिजली भी बनाती है।' मंत्री गडकरी ने कहा कि पिछले डेढ़ साल से इसी गाड़ी का इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर पेट्रोल और डीजल से इसकी तुलना की जाए, तो गाड़ी चलाने का असल खर्च करीब 25 रुपये प्रति लीटर ही आता है। यह ईंधन सस्ता है, पूरी तरह स्वदेशी है और आयात को कम करने के साथ-साथ प्रदूषण भी नहीं फैलाता। उन्होंने बताया कि ऐसे फ्लेक्स-फ्यूल इंजन वाली गाड़ियां जल्द ही बड़े पैमाने पर बाजार में उतारी जाएंगी।
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मारुति लॉन्च करेगी नई गाड़ियां
गडकरी ने यह भी कहा कि इस साल पर्यावरण दिवस के मौके पर दिल्ली में एक कार्यक्रम होने जा रहा है। इस कार्यक्रम में मारुति सुजुकी 100 प्रतिशत इथेनॉल से चलने वाली अपनी गाड़ियां लॉन्च करेगी। अभी टोयोटा, टाटा, महिंद्रा और सुजुकी जैसी कुल 12 कंपनियों ने ऐसे वाहन बाजार में उतार दिए हैं। इसके अलावा, टू-व्हीलर भी बाजार में आ चुके हैं।
विदेशों से खरीदते हैं 87 प्रतिशत ईंधन
गडकरी ने लोगों से पेट्रोल, डीजल और गैस का इस्तेमाल कम करने की अपील की। उन्होंने इसका कारण बताते हुए कहा कि हम अपनी जरूरत का 87 प्रतिशत ईंधन दूसरे देशों से मंगाते हैं। बाहर से आने वाला यह ईंधन देश में न सिर्फ प्रदूषण बढ़ाता है, बल्कि इससे हमारा आयात भी काफी ज्यादा बढ़ जाता है।