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स्वास्थ्य सुविधा में 21 बड़े राज्यों में यूपी अंतिम पायदान पर, उत्तराखंड को 17वां स्थान

Wed, 26 Jun 2019 02:13 AM IST
Avdhesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Avdhesh Kumar Updated Wed, 26 Jun 2019 02:13 AM IST
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niti aayog report says UP at the last level in healthcare facilities
सांकेतिक तस्वीर
आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य और चिकित्सीय सेवाएं उपलब्ध कराने में पहले से ज्यादा फिसड्डी साबित हुआ। नीति आयोग की ताजा रिपोर्ट में 21 बड़े राज्यों की सूची में यूपी को 21वां स्थान मिला है। पिछली बार भी यूपी सबसे अंतिम पायदान पर था। राज्य की खराब स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक साल पहले यूपी का कंपोजिट इंडेक्स स्कोर 33.69 था, जो अब 5.28 अंक घटकर 28.61 रह गया है। कुछ ऐसा ही हाल पड़ोसी राज्य उत्तराखंड का है, जिसे पिछली बार 15वें स्थान के मुकाबले इस बार 17वां स्थान मिला है।
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नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने मंगलवार को ‘हेल्दी स्टेट प्रोग्रेसिव इंडिया’ नामक रिपोर्ट जारी की। यह दूसरा मौका है जब आयोग ने स्वास्थ्य सूचकांक के आधार पर राज्यों की रैंकिंग जारी की है। रिपोर्ट को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, विश्व बैंक और नीति आयोग ने मिलकर तैयार किया है। रिपोर्ट में राज्यों को तीन हिस्सों में बांटा गया है, बड़े राज्य, छोटे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश। स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए काम के आधार पर राज्यों को स्कोर दिया गया है। 
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बड़े राज्यों में केरल, छोटे में मिजोरम आगे

बड़े राज्यों की सूची में केरल 74.01 अंक के साथ शीर्ष पर है। आंध्र प्रदेश को दूसरा और महाराष्ट्र को तीसरा स्थान मिला है। छोटे आठ राज्यों की सूची में 74.97 अंक के साथ मिजोरम पहले स्थान पर है। मणिपुर दूसरे और मेघालय तीसरे स्थान पर है। केंद्र शासित प्रदेशों में चंडीगढ़ पहले स्थान पर है, जबकि दिल्ली पांचवें नंबर पर है।   
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23 संकेतकों के आधार पर रैंकिंग 

राज्यों को 23 संकेतकों के आधार पर रैंकिंग दी गई है। इन संकेतकों को नवजात स्वास्थ्य परिणाम (मृत्यु दर, प्रजनन दर, जन्म के समय लिंगानुपात आदि), संचालन व्यवस्था (अधिकारियों की नियुक्ति, अवधि आदि) और प्रमुख इनपुट (नर्सों और डॉक्टरों के खाली पड़े पद, जन्म पंजीकरण स्तर आदि) में बांटा गया है। यदि किसी राज्य में इन सब मानकों पर स्थिति खराब है तो उसका स्कोर कम होगा। 

ओवरऑल रैंकिंग (2017-18)
शीर्ष पांच बड़े राज्य 
रैंकिंग    राज्य           अंक 
1       केरल          (74.01)
2       आंध्र प्रदेश     (65.13)
3       महाराष्ट्र        (63.99)
4       गुजरात         (63.52)
5       पंजाब          (63.01)

पांच सबसे फिसड्डी राज्य  

17    उत्तराखंड         (40.20)
18    मध्य प्रदेश        (38.39)
19    ओडिशा           (35.97)
20    बिहार              (32.11)
21    उत्तर प्रदेश         (28.61) 

सुधार के पैमाने पर हरियाणा अव्वल 

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के पैमाने पर हरियाणा ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। 2017-18 की ओवरऑल रैंकिंग में उसके प्रदर्शन में 6.55 अंकों का सुधार आया है। पिछली बार हरियाणा 46.97 स्कोर के साथ 13वें स्थान पर था। इस बार 53.51 के स्कोर के साथ उसे एक स्थान का फायदा हुआ है। उसके बाद राजस्थान के प्रदर्शन में 6.21 अंकों का सुधार हुआ है। इस बार उसे 43.10 के स्कोर के साथ 16वां स्थान मिला है।
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