एक्सक्लूसिव: कोविड-19 संक्रमण पर काबू पाने में लग सकते हैं सवा साल- डा. विनोद पॉल
- जमीनी हालात और लॉकडाउन के लाभ का अध्ययन कर रही है टीम
- जब तक वैक्सीन नहीं आती, तबतक खतरा बना रहेगा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नीति आयोग के सदस्य और कोविड-19 पर गठित उच्चस्तरीय समिति के अध्यक्ष डा. विनोद के पॉल ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में कहा कि कोविड-19 का खतरा अभी एक-सवा साल तक बने रहने के आसार हैं।
डा. पॉल ने कहा कि जितनी उनकी वायरस के बारे में समझ बनी है, उसके मुताबिक जब तक यह दुनिया में कहीं भी रहेगा, भारत के लिए भी खतरा बना रहेगा। इसके संक्रमण का समाधान केवल वैक्सीन के आने पर ही संभव है। वैक्सीन के आने में अभी समय लग सकता है।
डा. पॉल ने माना कि भारत में कोविड-19 का संक्रमण फैल रहा है। यह लड़ाई लंबी है। लोगों की लापरवाही के कारण नए मामले सामने आ रहे हैं। इससे अगले एक-दो महीने तक कोविड-19 का संक्रमण फैलने की गति बनी रह सकती है।
अमेरिका और विकसित देशों के भारत को लेकर अनुमान के बारे में पूछे जाने पर डा. पॉल ने कहा कि इस तरह के अनुमान के बारे में अभी वह कुछ नहीं कह सकते। बताते चलें कि डब्ल्यूटीओ, अमेरिका समेत दुनिया के तमाम विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में जुलाई, अगस्त तक कोविड-19 और बड़ा रूप ले सकता है।
लॉकडाउन के बारे में कर रहे हैं अध्ययन
जाने-माने चिकित्सक डा. विनोद के पॉल ने जानकारी दी कि कोरोनावायरस के और फैलने की संभावना, जमीनी स्थिति को लेकर उनकी टीम अध्ययन कर रही है। अभी इसमें एक सप्ताह का समय और लग सकता है। उसके बाद ही वह कुछ बता पाने की स्थिति में होंगे।
उन्होंने कहा, लॉकडाउन से हुए लाभ, इसकी आगे की संभावना आदि पर भी अध्ययन चल रहा है। यह पूछे जाने पर कि लॉकडाउन के जारी रहने की कितनी संभावना है, डा. पॉल के कहा कि यह राजनीतिक सवाल है और उनके लिए इसका उत्तर देना मुनासिब नहीं है।
उन्होंने कहा कि मैं अभी यह भी नहीं बता सकता कि एक सप्ताह के भीतर अध्ययन पूरा होने के बाद हमारी टीम केंद्र सरकार को क्या रिपोर्ट देगी।