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राष्ट्रपति ने दिए इनोवेशन के बढ़ावे के लिए नौ सूत्र
ब्यूरो/ अमर उजाला, वाराण्ासी
Updated Thu, 11 Aug 2016 04:17 AM IST
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प्रणब मुखर्जी
- फोटो : PTI
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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि सबसे ज्यादा युवा आबादी वाला भारत तभी विकास की राह पर आगे बढ़ सकता है, जब यहां का हर युवा रचनात्मक सोच और इनोवेशन को जिंदगी का हिस्सा बनाए। नेशनल नॉलेज नेटवर्क के तहत राष्ट्रपति भवन से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए राष्ट्रपति ने बुधवार को केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति, शिक्षक व छात्र-छात्राओं को संबोधित किया।
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बीएचयू में स्वतंत्रता भवन के सीनेट हॉल में कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी की मौजूदगी में इस वीडियो कांफ्रेंसिंग की व्यवस्था की गई। ‘इनोवेशन : अ वे ऑफ लाइफ’ विषय पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए नौ सूत्र साझा किए। कहा कि बच्चों के सवालों को कभी अनसुना नहीं करना चाहिए।
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उनमें वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा दें। उनमें ये सोच विकसित करनी होगी कि समस्या के समाधान का प्रयास तब तक करना चाहिए, जब तक सफलता ना मिले। हां, इसमें समय की पाबंदी का भी पूरा ख्याल हो। इन नौ सूत्रों में उन्होंने स्कूल, कॉलेज और शोध संस्थानों में इनोवेशन क्लब और लैब स्थापित करने की बात भी कही। कहा कि औपचारिक और अनौपचारिक ज्ञान के बीच हमें सेतु बनाने का प्रयास करना चाहिए। कौशल विकास कार्यक्रम और रोजगार गारंटी स्कीम में हमें तकनीकी और पारंपरिक कौशल को भी समाहित करना होगा।
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शिक्षा व्यवस्था को इतना सुदृढ़ करना होगा कि वो सामाजिक अपेक्षाओं पर खरा उतरे। हममें ये आदत हो कि हम किसी भी हाल में अयोग्य और खराब काम को बर्दाश्त न करें। बताया कि राष्ट्रपति भवन में तीन साल से इनोवेटिव आइडिया पर काम करने वालों को आमंत्रित किया जाता है। यहां उनके ‘क्रिएटिव बैटरी (माइंड)’ को रिचार्ज करने का अवसर मिलता है। कुलसचिव डॉ. केपी उपाध्याय समेत सभी संस्थान के निदेशक, संकाय प्रमुख, विभागाध्यक्ष सहित छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।