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बेंगलुरु और सीरिया के बीच तैयार हो रहे ISIS आतंकियों के रूट को खत्म करने के लिए एनआईए ने कसी कमर
Fri, 09 Oct 2020 07:53 PM IST
Harendra Chaudhary
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Fri, 09 Oct 2020 07:53 PM IST
सार
एनआईए ने अपने मजबूत नेटवर्क की बदौलत यह पता लगाया है कि युवाओं को गुमराह कर उन्हें बाहर कैसे भेजा जाता है। देश में नई भर्ती का तरीका, फंडिंग और आतंकी वारदातों को अंजाम देना, ये सब तथ्य जांच एजेंसी को मिलते जा रहे हैं...
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NIA Arrests Two Accused in ISIS Case of Bengaluru
- फोटो : NIA
विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बेंगलुरु और सीरिया के बीच तैयार हो रहे आईएसआईएस आतंकियों के रूट को खत्म करने के लिए कमर कस ली है। आतंकी संगठन के गुर्गों ने जो स्थानीय नेटवर्क तैयार किया है, उसके तहत युवाओं को फंड जुटाने एवं ट्रेनिंग के लिए सीरिया भेजा जा रहा है। एनआईए ने अपने मजबूत नेटवर्क की बदौलत यह पता लगाया है कि युवाओं को गुमराह कर उन्हें बाहर कैसे भेजा जाता है। देश में नई भर्ती का तरीका, फंडिंग और आतंकी वारदातों को अंजाम देना, ये सब तथ्य जांच एजेंसी को मिलते जा रहे हैं।
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भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर बेंगलुरु में एनआईए का एक स्थायी कार्यालय खोले जाने की मांग की थी। उनका कहना था कि बेंगलुरु आतंकवादी गतिविधियों का केंद्र बन गया है। इसके बाद एनआईए ने अपने बयान में कहा कि जल्द ही इंफाल, चेन्नई और रांची में नई शाखाएं खोली जाएंगी।
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NIA Arrests Two Accused in ISIS Case of Bengaluru pic.twitter.com/Q2KdjWIlv7
— NIA India (@NIA_India) October 8, 2020
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बता दें कि देश में अभी तक एनआईए के दिल्ली स्थित मुख्यालय के अलावा नौ शहरों, गुवाहाटी, मुंबई, जम्मू, कोलकाता, हैदराबाद, कोच्चि, लखनऊ, रायपुर और चंडीगढ़ में शाखाएं हैं। पिछले दो-तीन वर्षों में एनआईए ने आईएसआईएस से जुड़े कई मामलों का खुलासा किया है। जांच एजेंसी के एक अधिकारी बताते हैं कि बेंगलुरु अब आईएसआईएस आतंकी गतिविधियों का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। हालांकि ये लोग कोई बड़ी वारदात को अंजाम नहीं दे सके हैं। एनआईए ने समय रहते इनके कई ठिकानों पर दबिश देकर आईएसआईएस के सदस्यों और उनके मददगारों को धर दबोचा है।
इस्लामिक स्टेट से जुड़े दो सदस्यों, जिन्हें गुरुवार को एनआईए ने गिरफ्तार किया है, उनसे कई जानकारियां मिली हैं। गिरफ्तार सदस्यों में एक व्यापार विश्लेषक और दूसरा चावल व्यापारी है। बताया जाता है कि ये दोनों स्थानीय युवकों को गुमराह कर उन्हें आतंकी संगठन के साथ जोड़ रहे थे। केवल भर्ती ही नहीं, बल्कि फंड का इंतजाम भी इन्हीं को करना था। ये पूरी व्यवस्था, बेंगलुरु के युवाओं को इस्लामिक स्टेट में शामिल कराने और उन्हें ट्रेनिंग के लिए सीरिया भेजने के लिए की जा रही थी। एनआईए प्रवक्ता के मुताबिक, तमिलनाडु के रमानाथपुरम के निवासी अहमद अब्दुल कादर और बेंगलुरु निवासी इरफान नासिर को गिरफ्तार किया गया है।
प्रारंभिक पूछताछ और इनके ठिकानों से बरामद हुई वस्तुओं की जांच पड़ताल में पता चला है कि ये लोग बेंगलुरु से पूरे देश में आईएसआईएस नेटवर्क संचालित करने की योजना बना रहे थे। इन्होंने कई ऐसे लोगों का नाम बताया, जो 2013-2014 के दौरान आईएसआईएस में शामिल होने के लिए सीरिया जा चुके हैं। स्थानीय युवाओं को 'कुरान सर्कल' समूह के जरिए एकत्रित किया जाता था। यह बैठक कई दूसरे शहरों में भी हो रही थी।
केवल बेंगलुरु ही नहीं, बल्कि तमिलनाडु और केरल के कई शहरों में ऐसी बैठकें आयोजित की गई थीं। इनका मकसद मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथ के रास्ते पर ले जाना था। इससे पहले एनआईए ने पाकिस्तान के आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा के निर्देश पर भारत में आतंकवादी हमला कराने वाले समूह का भंडाफोड़ किया था। पाकिस्तान में कथित तौर पर प्रशिक्षण लेने वाले तीन लोगों के खिलाफ एनआईए ने आरोप पत्र दायर किया था।
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम निवासी मुनीब हमीद भट, जुनैद अहमद मट्टू और उमर राशिद वानी के खिलाफ आरोप पत्र जम्मू की विशेष एनआईए अदालत में दायर किया गया था। एनआईए अधिकारी के अनुसार, बेंगलुरु में आईएसआईएस की गतिविधियों पर लगातार निगरानी की जा रही है। इस संगठन की अधिकांश जानकारी एजेंसी के पास है। युवाओं के सोशल मीडिया अकाउंट्स और फंडिंग नेटवर्क का पता लगाया गया है। जल्द ही एजेंसी इन संगठनों की दूसरे शहरों में चल रही गतिविधियों, फंडिंग और जम्मू कश्मीर से कितने लोगों का लिंक है, आदि मामलों का खुलासा करेगी।