पठानकोट हमला: सरकार को उम्मीद, जांच के लिए पाक जाएगी एनआईए टीम
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भारत-पाक रिश्तों में आई खटास के बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को कहा है कि सरकार को अब भी उम्मीद है कि पठानकोट हमले से जुड़े सबूतों को इकट्ठा करने राष्ट्रीय जांच एजेंसी की एक टीम जल्द पड़ोसी देश जाएगी। गृह राज्य मंत्री ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि एनआईए की एक टीम जल्द पाकिस्तान का दौरा करेगी।’
पाकिस्तान के उच्चयुक्त अब्दुल बासित ने पिछले पखवाड़े संकेत दिए थे कि पठानकोट हमले की जांच के सिलसिले में भारतीय जांचकर्ताओं को पाकिस्तान यात्रा की इजाजत नहीं दी जा सकती।
हालांकि, इस पर भारत ने कहा था कि पाकिस्तानी जांच टीम के आने से पहले दोनों देशों में सहमति बनी थी कि दोनों की जांच टीमें एक-दूसरे देश का दौरा करेंगी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान अपने वादे से मुकर गया है।
एनआईए की यात्रा के आग्रह पर विचार कर सकता है पाक
पाकिस्तान पठानकोट आतंकी हमले की जांच के लिए भारतीय एजेंसी एनआईए को अपने यहां आने की अनुमति दे सकता है। विदेश मामलों पर पाक प्रधानमंत्री के सलाहकार सरताज अजीज ने इस बात के संकेत दिए हैं।
उन्होंने भारत में पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित का बचाव किया और कहा कि द्विपक्षीय शांति प्रक्रिया के निलंबित होने का मतलब रद्द होना या छोड़ देना नहीं है। उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच वार्ता जल्द शुरू होगी।
अजीज ने एक समाचार चैनल से बातचीत के दौरान एनआईए की पाक यात्रा के सवाल पर कहा कि एक बार जब वह स्थिति आएगी और भारत आग्रह करता है तो पाकिस्तानी सरकार उस पर विचार करेगी।
इससे पहले बासित ने यह कहकर एनआईए की यात्रा को अनुमति नहीं मिलने का इशारा किया था कि पूरी जांच परस्पर लेनदेन पर आधारित नहीं है। हालांकि अजीज के अनुसार बासित के बयान का गलत अर्थ निकाला गया।
बासित ने एनआईए के पाक दौरे के विकल्प को नकारा नहीं था। उन्होंने यही कहा था कि सहयोग अधिक जरूरी है और यह सच है। अजीज ने बासित के भारत-पाक शांति वार्ता निलंबित होने के बयान को भी अधिक तवज्जो नहीं दी। साथ ही आरोप लगाया कि हाल ही में गिरफ्तार पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव का मामला इकलौता नहीं है।