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कर्नाटक: बजरंग दल कार्यकर्ता हर्षा की हत्या का मामला एनआईए ने संभाला, हिजाब विवाद में गई थी जान
Thu, 24 Mar 2022 07:56 PM IST
Amit Mandal
एएनआई, शिवमोगा
एएनआई, शिवमोगा
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 24 Mar 2022 07:56 PM IST
सार
हिजाब विवाद मेंं हर्षा की हत्या के बाद शिवमोगा के कुछ इलाकों में हिंसा भड़क गई थी। बाद में मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई थी।
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Harsha murder case
- फोटो : social media
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विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कर्नाटक पुलिस से शिवमोगा में बजरंग दल कार्यकर्ता हर्षा की हत्या की जांच का जिम्मा संभाल लिया है। एक अधिकारी ने आज यह जानकारी दी। इसी साल फरवरी में हिजाब विवाद गर्माने के बाद शिवमोगा में बजरंग दल के कार्यकर्ता हर्षा की हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद शिवमोगा के कुछ इलाकों में हिंसा भड़क गई थी। हत्या के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
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हर्षा की चाकू व धारदार हथियारों से हत्या कर कर दी गई थी। इस घटना के विरोध में विरोध प्रदर्शन हुए थे और यहां कर्फ्यू भी लगाया गया था। बाद में मामले की जांच एनआईए को दे दी गई थी। हर्षा ने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर हिजाब के खिलाफ पोस्ट लिखी थी। उन्होंने भगवा शॉल का समर्थन किया था।
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एबीवीपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष षणमुगम को नियमित जमानत
वहीं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुबैया षणमुगम को मद्रास उच्च न्यायालय ने नियमित जमानत दे दी है। जुलाई 2020 में दर्ज एक मामले के संबंध में अदमबक्कम पुलिस ने उन्हें 19 मार्च को गिरफ्तार किया था।
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जस्टिस जी. जयाचंद्रन ने उन्हें 25 हजार का व्यक्तिगत बांड भरने की शर्त पर नियमित जमानत दी। उन्हें सोमवार को अंतरिम जमानत मिली थी। सरकारी स्टेनली अस्पताल में डॉ. सुबैया कैंसर विज्ञान विभाग के अध्यक्ष थे। उन्हें निलंबित कर दिया गया है। 25 जुलाई 2020 को दर्ज रिपोर्ट में पड़ोसी महिला ने उन पर अपने घर के सामने इस्तेमाल किया गया मास्क फेंकने और लघुशंका का आरोप लगाया था। उधर, डॉ. सुबैया की निलंबन को चुनौती देने वाली याचिका पर जस्टिस डी. कृष्णकुमार ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।