गुजरात मुंद्रा ड्रग्स मामला: एनआईए ने दिल्ली-एनसीआर समेत पांच जगहों पर की छापेमारी
एनआईए ने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर मिली ड्रग्स के मामले में दिल्ली-एनसीआर में छापेमारी की है तो जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी आतंकवादी संगठनों से जुड़े ठिकानों पर भी कार्रवाई की है।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह से बरामद ड्रग्स मामले में एनआईए ने मंगलवार को राजधानी दिल्ली और एनसीआर में पांच जगहों पर छापेमारी की। मुंद्रा बंदरगाह से 2988 किलोग्राम मादक पदार्थ (हेरोइन) जब्त होने के बाद एजेंसी ने छह अक्तूबर को जांच अपने हाथ में ले ली थी।
दरअसल, हेरोइन की इस खेप को राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने गुजरात के कच्छ जिले में मुंद्रा बंदरगाह से 14 और 15 सितंबर को खुफिया जानकारी के आधार पर जब्त किया था। डीआरआई को खुफिया जानकारी मिली थी कि अफगानिस्तान से बंदर अब्बास बंदरगाह के जरिए दो कंटेनरों में हेरोइन तस्करी करके भारत लाई जा रही है। सुरक्षा और सीमा शुल्क अधिकारियों से बचने के लिए इन दो कंटेनरों में 1999.58 किलो और 988.64 किलो हेरोइन पैक की गई थी।
एनआईए ने इसमें स्वापक औषधि, एनडीपीएस अधिनियम और गैर कानूनी गतिविधि (निषेध) अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मादक पदार्थ 'अर्ध प्रसंस्करित टैल्क स्टोन' के नाम से इंपोर्ट किए गए सामान में मिला था। इसे अफगानिस्तान से भेजा गया था और यह बंदर अब्बास बंदरगाह के जरिए भारत पहुंचा।
पाक आतंकी संगठनों से जुड़े 16 ठिकानों पर छापा
पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के ठिकानों पर एनआईए ने शिकंजा कसते हुए बड़ी कार्रवाई की है। टीआरएस के जम्मू-कश्मीर में 16 ठिकानों पर एनआईए ने दबिश दी है। एनआईए ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) और जम्मू-कश्मीर पुलिस की मदद से सोपियां, पुलवामा और श्रीनगर जिले में टीआरएफ समेत विभिन्न आतंकी संगठनों के ओवर ग्राउंड वर्कर्स से जुड़े एक नए मामले में यह कार्रवाई की है।
आतंक रोधी एजेंसी की टीमों ने 10 अक्तूबर को सात जगहों पर दबिश देकर टीआरएफ के दो गुर्गों को गिरफ्तार किया। एनआईए ने बारामूला के तवसीफ अहमद वानी और अनंतनाग के फैज अहमद फैज को गिरफ्तार किया था। इसके बाद कुलगाम, श्रीनगर और बारामूला में भी छापा मारा गया। जम्मू के बठिंडी क्षेत्र में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी के पास से आईईडी बरामद होने के बाद 27 जून को एक मामला बाहू फोर्ट थाने में दर्ज हुआ था।
इसके बाद एनआईए ने 19 जुलाई को इस मामले को दोबारा दर्ज किया। लश्कर के तीन आतंकियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में खुलासा हुआ था कि लश्कर के पाकिस्तानी हैंडलर और जम्मू-कश्मीर में उनके सहयोगी घाटी में दहशत फैलाने की साजिश रच रहे थे। उन्होंने ही टीआरएफ को आतंकी हिंसा को अंजाम देने की जिम्मेदारी सौंपी थी।