{"_id":"6aa54b44727cbc4bb207e75b","slug":"nia-raids-in-case-involving-cross-border-terror-plot-pakistan-based-handlers-and-their-over-ground-workers-2026-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनआईए: सीमा पार की आतंकी साजिश, पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स और उनके 'ओवर ग्राउंड वर्कर्स' के केस में छापेमारी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
एनआईए: सीमा पार की आतंकी साजिश, पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स और उनके 'ओवर ग्राउंड वर्कर्स' के केस में छापेमारी
Sat, 12 Sep 2026 06:27 PM IST
पवन पांडेय
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Sat, 12 Sep 2026 06:27 PM IST
सार
एनआईए ने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, कुलगाम, बांदीपोरा, बारामूला और सोपोर में 10 ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स और स्थानीय ओवरग्राउंड वर्कर्स के नेटवर्क से जुड़ी सीमा-पार आतंकी साजिश में हुई। एजेंसी ने सबूत जुटाए और नेटवर्क की जांच जारी है।
विज्ञापन
NIA
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर में 10 जगहों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स और उनके स्थानीय 'ओवर ग्राउंड वर्कर्स' के कथित नेटवर्क से जुड़ी सीमा-पार आतंकी साज़िश के सिलसिले में की गई है। कुपवाड़ा, कुलगाम, बांदीपोरा, बारामूला और सोपोर में एनआईए के तलाशी अभियान का मकसद आतंकी साजिश से जुड़े सबूत जुटाना, घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों को लॉजिस्टिकल और दूसरी मदद देने वाले लोगों की भूमिका का पता लगाना था।
यह मामला शुरू में श्रीनगर के ज़कूरा पुलिस स्टेशन में केस नंबर 0024/2026 के तौर पर दर्ज किया गया था। बाद में एनआईए ने इसे यूए (पी) एक्ट, 1967 की धारा 23, आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 7 और 25, और एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट, 1908 की धारा 4 के तहत RC-02/2026/NIA/JMU के तौर पर फिर से दर्ज किया। यह जांच 31 मार्च 2026 की देर रात एक नाका पॉइंट पर एलईटी से जुड़े एक ओजीडब्लू की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई। उसके पास से एक हैंड ग्रेनेड और जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इसके बाद की जांच में इस साजिश से जुड़े पाकिस्तानी नागरिकों की गिरफ्तारी हुई और स्थानीय सपोर्ट नेटवर्क के सदस्यों की पहचान एवं उनकी संदिग्ध भूमिकाओं का पता चला।
एनआईए की अब तक हुई जांच में पता चला है कि पाकिस्तान में मौजूद एलईटी हैंडलर्स और उनके स्थानीय सहयोगियों के बीच संबंध रहे हैं। इन सहयोगियों का इस्तेमाल घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों के साथ बातचीत, उनकी आवाजाही, उन्हें छिपाने, पनाह देने, रेकी करने और अन्य लॉजिस्टिकल मदद के लिए किया जा रहा था। एनआईए इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने और उसकी गतिविधियों के दायरे को समझने के लिए आरोपियों के वित्तीय लेन-देन, बातचीत के तरीकों, उनकी आवाजाही और हथियारों व विस्फोटकों के स्रोत और सप्लाई चेन की भी जांच कर रही है।
विज्ञापन
यह छापेमारी भी उस जांच का हिस्सा है जो एक बड़ी साजिश और सीमा-पार आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले सपोर्ट सिस्टम के बारे में चल रही है। छापेमारी के दौरान मामले से जुड़े और भी अहम सबूत/सामान ज़ब्त किए गए। इनकी जांच की जा रही है और जांच के दौरान मिले अन्य सबूतों से इनका मिलान किया जा रहा है। एनआईए, साजिश में शामिल सभी लोगों की पहचान करने और उनकी भूमिकाओं का पता लगाने के लिए अपनी जांच जारी रखे हुए है। जांच के नतीजों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें गिरफ्तारियां और बरामदगी शामिल हो सकती हैं।
विज्ञापन
यह मामला शुरू में श्रीनगर के ज़कूरा पुलिस स्टेशन में केस नंबर 0024/2026 के तौर पर दर्ज किया गया था। बाद में एनआईए ने इसे यूए (पी) एक्ट, 1967 की धारा 23, आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 7 और 25, और एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट, 1908 की धारा 4 के तहत RC-02/2026/NIA/JMU के तौर पर फिर से दर्ज किया। यह जांच 31 मार्च 2026 की देर रात एक नाका पॉइंट पर एलईटी से जुड़े एक ओजीडब्लू की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई। उसके पास से एक हैंड ग्रेनेड और जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इसके बाद की जांच में इस साजिश से जुड़े पाकिस्तानी नागरिकों की गिरफ्तारी हुई और स्थानीय सपोर्ट नेटवर्क के सदस्यों की पहचान एवं उनकी संदिग्ध भूमिकाओं का पता चला।
विज्ञापन
एनआईए की अब तक हुई जांच में पता चला है कि पाकिस्तान में मौजूद एलईटी हैंडलर्स और उनके स्थानीय सहयोगियों के बीच संबंध रहे हैं। इन सहयोगियों का इस्तेमाल घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों के साथ बातचीत, उनकी आवाजाही, उन्हें छिपाने, पनाह देने, रेकी करने और अन्य लॉजिस्टिकल मदद के लिए किया जा रहा था। एनआईए इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने और उसकी गतिविधियों के दायरे को समझने के लिए आरोपियों के वित्तीय लेन-देन, बातचीत के तरीकों, उनकी आवाजाही और हथियारों व विस्फोटकों के स्रोत और सप्लाई चेन की भी जांच कर रही है।
विज्ञापन
यह छापेमारी भी उस जांच का हिस्सा है जो एक बड़ी साजिश और सीमा-पार आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले सपोर्ट सिस्टम के बारे में चल रही है। छापेमारी के दौरान मामले से जुड़े और भी अहम सबूत/सामान ज़ब्त किए गए। इनकी जांच की जा रही है और जांच के दौरान मिले अन्य सबूतों से इनका मिलान किया जा रहा है। एनआईए, साजिश में शामिल सभी लोगों की पहचान करने और उनकी भूमिकाओं का पता लगाने के लिए अपनी जांच जारी रखे हुए है। जांच के नतीजों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें गिरफ्तारियां और बरामदगी शामिल हो सकती हैं।