Coimbatore Blast: कोयंबटूर धमाके में पांच और आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल, NIA बोली- आतंकी कृत्य में शामिल
एनआईए ने अक्तूबर 2022 में हुए कोयंबटूर कार बम धमाका मामले में पांच और आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। इस मामले में अब तक 17 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अक्तूबर 2022 में हुए कोयंबटूर कार बम धमाका मामले में पांच और आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। एनआईए ने इनके खिलाफ हिंदू मंदिर को निशाना बनाने सहित आतंकी हमले से जुड़ी अन्य गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है। इस मामले में अब तक कुल 17 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। यह बम धमाका आईएसआईएस से प्रेरित था। विस्फोट को अंजाम देने वाले आत्मघाती हमलावर को सुरक्षा बलों ने मौके पर ही मार गिराया था।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, एनआईए ने मामले में अपना चौथा पूरक आरोपपत्र दायर किया, जिसमें एजेंसी ने शेख हिदायतुल्ला, उमर फारूक, पावस रहमान, शरण मरियप्पन और अबू हनीफा पर आतंकी वित्तपोषण व अन्य आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है। एनआईए के अनुसार, कोयंबटूर में हिंदू मंदिर अरुलमिगु कोट्टई संगमेश्वर थिरुकोविल को निशाना बनाकर आंतकी हमला किया था।
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शेख-फारूक के खिलाफ आरोपों का नया सेट दायर
अपने नवीनतम आरोप पत्र में, एनआईए ने शेख हिदायतुल्ला और उमर फारूक के खिलाफ आतंक वित्तपोषण के आरोपों का एक नया सेट दायर किया है। इस मामले में अन्य अपराधों के लिए दोनों के खिलाफ पहले भी आरोप पत्र दायर किया गया था। एनआईए के बयान के अनुसार, दोनों ने 2021-2022 में एक फर्जी कोविड वैक्सीन प्रमाणपत्र घोटाला किया। इस पैसे का उपयोग आरोपियों ने अक्तूबर 2022 में कार बम धमाके के लिए विस्फोटक और अन्य संसाधनों की सामग्री खरीदने के लिए किया। हालांकि, विस्फोट को अंजाम देने वाला आत्मघाती हमलावर मारा गया।
जमेशा मुबीन ने दिया था विस्फोट को अंजाम
एनआईए के अनुसार, वैक्सीन प्रमाणपत्र घोटाले को आरोपी पावस रहमान और शरण ने अंजाम दिया था, जबकि अबू हनीफा ने फर्जी प्रमाणपत्र बनाने के लिए पैसे मुहैया कराए थे। जमेशा मुबीन ने एक मोडिफाइड कार में वाहन-जनित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (वीबीआईईडी) का उपयोग करके आत्मघाती बम विस्फोट को अंजाम दिया था। इस घटना में उसकी मौत हो गई थी, और इस प्रकार उसके खिलाफ आरोप हटा दिए गए थे।
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मोहम्मद अजहरुद्दीन की कैद का बदला लेना था उद्देश्य
एनआईए जांच के अनुसार, मुबीन ने आईएसआईएस के अबू-अल-हसन अल-हाशिमी अल-कुरैशी के प्रति निष्ठा की शपथ ली थी। अपनी चरमपंथी विचारधारा के तहत गैर-विश्वासियों को निशाना बनाने का लक्ष्य रखा था। हमले से पहले, आरोपियों ने साजिश की योजना बनाने के लिए वियूर उच्च सुरक्षा जेल और सत्यमंगलम रिजर्व फॉरेस्ट में बैठकें की थीं। एनआईए के अनुसार, आरोपियों का उद्देश्य अपने नेता मोहम्मद अजहरुद्दीन की कैद का बदला लेना था, जिन्हें एनआईए ने 2019 में कोयंबटूर से हिंसक सलाफी-जिहादी विचारधारा को बढ़ावा देने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
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