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सख्ती: गंगा में प्रदूषण को लेकर बिहार और झारखंड को एनजीटी का आदेश, आठ दिन के अंदर पेश करें रिपोर्ट

Wed, 20 Sep 2023 02:05 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Wed, 20 Sep 2023 02:05 PM IST
सार

एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि अधिकरण के 28 अगस्त के आदेश में कहा गया था कि गंगा में प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण से संबंधित मुद्दा प्रत्येक राज्य, शहर और जिले में उठाया जाए।
 

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NGT seeks report on River Ganga pollution in Bihar, Jharkhand from district magistrates
एनजीटी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने बिहार के 38 और झारखंड के चार जिलाधिकारियों को गंगा में प्रदूषण के मुद्दे पर आठ सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। इन जिलों से गंगा और उसकी सहायक नदियां गुजरती हैं। 

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गंगा में प्रदूषण की रोकथाम के मुद्दे को उठाएं

एनजीटी नदी में प्रदूषण की रोकथाम से संबंधित मामले पर सुनवाई कर रहा था। एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि अधिकरण के 28 अगस्त के आदेश में कहा गया था कि गंगा में प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण से संबंधित मुद्दा प्रत्येक राज्य, शहर और जिले में उठाया जाए।

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पीठ में न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल भी शामिल थे। पीठ ने कहा कि पांच सितंबर को पारित एक आदेश में एनजीटी ने गंगा नदी (पुनरुद्धार, संरक्षण एवं प्रबंधन) प्राधिकरण आदेश 2016 और विशेष रूप से जिला गंगा संरक्षण समितियों की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया है। 

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बिहार में नदी से जुड़े कई मुद्दे

एनजीटी ने सोमवार को पारित एक आदेश में कहा कि बिहार में नदी से संबंधित प्रमुख मुद्दों में भूजल प्रदूषण, अपशिष्ट जल छोड़ा जाना, अवैध रेत एवं पत्थर खनन, जलीय प्राणियों के लिए खतरा, नदी के मूल मार्ग में परिवर्तन और प्रदूषण शामिल हैं।

आठ सप्ताह में दाखिल हो रिपोर्ट 

अधिकरण ने कहा, ‘हम बिहार के सभी 38 जिलों और झारखंड के चार जिलाधिकारियों को निर्देश देते हैं कि वे जिला गंगा संरक्षण समिति द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में गंगा में प्रदूषण की रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों के संबंध में एक रिपोर्ट दाखिल करें।’ एनजीटी ने कहा कि रिपोर्ट आठ सप्ताह में दाखिल की जानी चाहिए।

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