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कबाड़ हो चुकी गाड़ियों को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट करने की आवश्यकता: एनजीटी
Thu, 25 Jul 2019 01:55 AM IST
Avdhesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Thu, 25 Jul 2019 01:55 AM IST
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने कबाड़ हो चुकी गाड़ियों को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट करने के लिए सरकार को अधिकृत रिसाइकिलिंग सेंटर स्थापित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने का निर्देश दिया है। एनजीटी ने कहा कि 2025 तक बेकार हो चुकी गाड़ियों की संख्या 2.1 करोड़ हो जाएगी।
एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, कबाड़ हो चुकी गाड़ियों को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट करने का काम संगठित आधार पर होना चाहिए क्योंकि मौजूदा क्षमता पर्याप्त नहीं है। अगले साल तक करीब 90 लाख गाड़ियां बेकार हो जाएंगी, जिनमें से अधिकतर दोपहिया वाहन होंगे।
लिहाजा पर्यावरण मानदंडों के साथ अधिकृत रिसाइकिलिंग सेंटरों की स्थापना के लिए उपयुक्त तंत्र विकसित करने के साथ ही अनधिकृत कबाड़ गतिविधि पर रोक लगाने की जरूरत है। पीठ ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी व अन्य संबंधित प्राधिकारों को अवैध कबाड़ इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
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एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, कबाड़ हो चुकी गाड़ियों को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट करने का काम संगठित आधार पर होना चाहिए क्योंकि मौजूदा क्षमता पर्याप्त नहीं है। अगले साल तक करीब 90 लाख गाड़ियां बेकार हो जाएंगी, जिनमें से अधिकतर दोपहिया वाहन होंगे।
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लिहाजा पर्यावरण मानदंडों के साथ अधिकृत रिसाइकिलिंग सेंटरों की स्थापना के लिए उपयुक्त तंत्र विकसित करने के साथ ही अनधिकृत कबाड़ गतिविधि पर रोक लगाने की जरूरत है। पीठ ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी व अन्य संबंधित प्राधिकारों को अवैध कबाड़ इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
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