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एनजीटी ने सरकार से कहा, नदी प्रदूषण रोकने का सिस्टम बनाएं
Fri, 26 Feb 2021 02:40 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Fri, 26 Feb 2021 02:40 AM IST
सार
- जल शक्ति मंत्रालय को नदियों के पुनरुद्धार की प्रभावी निगरानी का तंत्र बनाने का दिया आदेश।
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एनजीटी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने केंद्र सरकार को नदियों में प्रदूषण की रोकथाम करने के लिए तत्काल एक सिस्टम बनाने का आदेश दिया है। एनजीटी ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय को कहा है कि देश में सभी नदियों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए चल रही कवायद की प्रभावी निगरानी करने और सभी प्रदूषित नदी क्षेत्रों के पुनरुद्धार के लिए उचित सिस्टम बनाया जाए।
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एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की पीठ ने कहा कि जल प्रदूषण को रोकने और इसके लिए जवाबदेही तय करने की वैधानिक व्यवस्था कायम करने में लगातार नाकामी दिखाई दी है। पीठ ने कहा, देश में प्रदूषण नियंत्रण को उठाए गए कदमों और सभी प्रदूषित नदी क्षेत्रों के पुनरुद्धार की ज्यादा प्रभावी निगरानी के लिए जलशक्ति मंत्रालय को एक उचित तंत्र स्थापित करना चाहिए।
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जस्टिस गोयल के अलावा जस्टिस एसके सिंह की भी मौजूदगी वाली पीठ ने कहा, यह तंत्र को राष्ट्रीय नदी पुनरुद्धार तंत्र (एनआरआरएम) या कोई अन्य उचित नाम दिया जा सकता है। एनआरआरएम प्रभावी निगरानी रणनीति के तौर पर उचित स्तरों पर राष्ट्रीय, राज्य, जिला पर्यावरण डाटा ग्रिड स्थापित करने को लेकर भी विचार कर सकता है। पीठ ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को नई परियोजनाएं शुरू करने और मौजूदा परियोजनाओं को पूरा करने की समय सीमा को सख्ती से लागू करने के लिए समर्पित होकर काम करने का आदेश दिया।
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महज 351 जगहों तक ही सीमित न हो नदी पुनरुद्धार कार्य
एनजीटी ने कहा, नदियों के पुनरुद्धार का काम महज 351 जगहों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि इसे सभी छोटी, मध्यम और बड़ी प्रदूषित नदियों, यहां तक की सूख गई नदियों के लिए भी लागू किया जा सकता है। बता दें कि अधिकरण ने पूर्व में देश भर में 350 से ज्यादा प्रदूषित नदी क्षेत्रों को प्रदूषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से एक केंद्रीय निगरानी समिति बनाई थी, जिसे इस काम को अंजाम देने के लिए राष्ट्रीय योजना को तैयार कर अमल में लाना था। इनमें से 117 प्रदूषित नदी क्षेत्र असम, गुजरात और महाराष्ट्र में चिह्नित किए गए थे।