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NGT: टीडीएस और वॉटर प्यूरीफायर को लेकर एनजीटी का सीपीसीबी को अहम निर्देश
Fri, 03 Dec 2021 06:46 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 03 Dec 2021 06:46 PM IST
सार
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने सीपीसीबी को कार्टिजेस सहित आरओ खारिज करने के प्रबंधन पर निर्देश जारी करने को भी कहा।
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विस्तार
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को निर्देश दिया है कि वह उन सभी आरओ निर्माताओं को वाटर प्यूरीफायर पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश जारी करे, जहां पानी में कुल घुलित ठोस (टीडीएस) का स्तर 500 मिलीग्राम प्रति लीटर से कम है। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने सीपीसीबी को कार्टिजेस सहित आरओ खारिज करने के प्रबंधन पर निर्देश जारी करने को भी कहा।
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पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ पठित इस ट्रिब्यूनल के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए हम सीपीसीबी को पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 5 के तहत सभी निर्माताओं को इस ट्रिब्यूनल के आदेशों के अनुसार एक उचित आदेश जारी करने का निर्देश देते हैं। इसे अगले एक महीने के भीतर लागू किया जाए। ट्रिब्यूनल ने कहा कि पर्यावरण एवं वन मंत्राल द्वारा जल शोधन प्रणाली के उपयोग पर नियमन पर जारी गजट अधिसूचना को उसके आदेश का अनुपालन नहीं कहा जा सकता है।
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पीठ ने कहा कि जहां टीडीएस 500 मिलीग्राम/लीटर से कम है, वहां आरओ सिस्टम को विनियमित और प्रतिबंधित करने का कोई प्रावधान नहीं है, जैसा कि इस ट्रिब्यूनल द्वारा निर्देशित किया गया है। आरओ रिजेक्ट का कोई आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन भी नहीं है। इसी तरह पानी की बर्बादी का मुद्दा अनसुलझा रहता है।
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