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सार्वजनिक स्थल पर कचरा जलाने पर 25 हजार रुपये जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
Updated Fri, 23 Dec 2016 04:23 AM IST
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने सार्वजनिक स्थलों पर या खुले स्थान में बड़े पैमाने पर कूड़ा-कचरा जलाने वालों पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाने का आदेश दिया है। वहीं, पीठ ने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर कूड़ा-कचरा जलाने वाले व्यक्ति पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। प्रधान पीठ ने संबंधित प्राधिकरणों को स्पष्ट किया है कि खुले में या फिर लैंडफिल साइट पर कूड़ा-कचरा जलाए जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही प्रत्येक बार आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्तियों से यह तय राशि वसूली जाएगी।
जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने बृहस्पतिवार को अलमित्रा पटेल के मामले पर यह फैसला सुनाया है। पीठ ने सभी राज्यों से ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2016 के मद्देनजर ठोस कचरे के संग्रहण और निपटारे को लेकर चार हफ्तों में एक्शन प्लान तैयार करने का भी निर्देश दिया है। पीठ ने कहा कि यह काम समय सीमा को ध्यान में रखकर होना चाहिए।
वहीं पीठ ने देश के सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को कहा है कि वे हाल में अधिसूचित किए गए ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2016 को प्रभावी तौर पर लागू करें। वहीं पीठ ने राज्यों के साथ पर्यावरण मंत्रालय को भी कहा है कि वह छह महीने के भीतर पॉलीविनिल क्लोराइड और क्लोरीनेटेड प्लास्टिक पर पाबंदी के लिए दिशा-निर्देश भी जारी करें।
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इसके अलावा पीठ ने लैंडफिल साइट को चिन्हित करने और उनके निर्माण व ठोस कचरे के निपटारे को लेकर कहा है कि यह सारा काम ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2016 के तहत होना चाहिए। वहीं कभी न समाप्त होने वाले प्लास्टिक कचरे की छंटाई कर उनका इस्तेमाल पूरे देश में सड़क निर्माण व तटबंध बनाने में किया जाना चाहिए।
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जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने बृहस्पतिवार को अलमित्रा पटेल के मामले पर यह फैसला सुनाया है। पीठ ने सभी राज्यों से ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2016 के मद्देनजर ठोस कचरे के संग्रहण और निपटारे को लेकर चार हफ्तों में एक्शन प्लान तैयार करने का भी निर्देश दिया है। पीठ ने कहा कि यह काम समय सीमा को ध्यान में रखकर होना चाहिए।
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वहीं पीठ ने देश के सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को कहा है कि वे हाल में अधिसूचित किए गए ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2016 को प्रभावी तौर पर लागू करें। वहीं पीठ ने राज्यों के साथ पर्यावरण मंत्रालय को भी कहा है कि वह छह महीने के भीतर पॉलीविनिल क्लोराइड और क्लोरीनेटेड प्लास्टिक पर पाबंदी के लिए दिशा-निर्देश भी जारी करें।
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इसके अलावा पीठ ने लैंडफिल साइट को चिन्हित करने और उनके निर्माण व ठोस कचरे के निपटारे को लेकर कहा है कि यह सारा काम ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2016 के तहत होना चाहिए। वहीं कभी न समाप्त होने वाले प्लास्टिक कचरे की छंटाई कर उनका इस्तेमाल पूरे देश में सड़क निर्माण व तटबंध बनाने में किया जाना चाहिए।