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सुप्रीम कोर्ट के 25 लाख रुपये जुर्माना लगाने पर एनजीओ नाखुश
एजेंसी / नई दिल्ली
Updated Tue, 05 Dec 2017 01:31 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट
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सुप्रीम कोर्ट के हाल के एक फैसले में एक एनजीओ पर 25 लाख रुपये जुर्माना लगाने पर उसने नाखुशी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने जुर्माना लगाते हुए कहा कि जज के नाम पर कथित रिश्वत मामले में एसआईटी जांच के लिए जनहित याचिका पूरी तरह तुच्छ, अपमानजनक और बेबुनियाद है।
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शीर्ष अदालत ने कहा कि आरोप के विपरीत याचिका नाजायज और न्यायपालिका को बदनाम करने की नीयत से दायर की गई थी। वहीं, न्यायिक जवाबदेही और सुधार (सीजेएआर) के लिए अभियान चलाने वाले गैर सरकारी संगठन ने एक बयान में कहा कि सीजेएआर सुप्रीम कोर्ट के याचिका को रद्द करने से बेहद नाखुश है। उसका कहना है कि रिट याचिका मेडिकल कॉलेज के पक्ष में फैसला दिलाने के लिए रिश्वत मामले की उचित और निष्पक्ष जांच के लिए दायर की गई थी। शीर्ष अदालत ने 1 दिसंबर को एनजीओ की याचिका को खारिज कर दिया था और उस पर 25 लाख का जुर्माना लगा दिया था।
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शीर्ष अदालत ने कहा कि आरोप के विपरीत याचिका नाजायज और न्यायपालिका को बदनाम करने की नीयत से दायर की गई थी। वहीं, न्यायिक जवाबदेही और सुधार (सीजेएआर) के लिए अभियान चलाने वाले गैर सरकारी संगठन ने एक बयान में कहा कि सीजेएआर सुप्रीम कोर्ट के याचिका को रद्द करने से बेहद नाखुश है। उसका कहना है कि रिट याचिका मेडिकल कॉलेज के पक्ष में फैसला दिलाने के लिए रिश्वत मामले की उचित और निष्पक्ष जांच के लिए दायर की गई थी। शीर्ष अदालत ने 1 दिसंबर को एनजीओ की याचिका को खारिज कर दिया था और उस पर 25 लाख का जुर्माना लगा दिया था।
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