News Updates: कैलाश मानसरोवर यात्रा आज से, नाथू ला और लिपुलेख में बनाईं अस्थायी चौकियां
अधिकारियों के अनुसार, 44 सदस्यीय दल में दो संपर्क अधिकारी और एक चिकित्सा अधिकारी भी हैं। दल में 32 पुरुष और 12 महिला श्रद्धालु हैं। यह दल 20 जून को नाथू ला मार्ग से तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के ग्यांत्से के लिए रवाना होगा। यह शहर नाथू ला मार्ग से कैलाश मानसरोवर जाने वाले यात्रियों के लिए प्रमुख ट्रांजिट केंद्र माना जाता है। यह यात्रा भारत-चीन के बीच सहमति से होती है।
रक्षा मंत्रालय ने नौसेना के लिए 12 मरीन गैस टरबाइन जेनरेटर की खरीद के लिए पुणे की कंपनी भारत फोर्ज लिमिटेड के साथ लगभग 425 करोड़ रुपए के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस अनुबंध के तहत नौसेना के लिए 1.25 मेगावाट क्षमता वाले गैस टरबाइन जेनरेटर सेट खरीदे जाएंगे। परियोजना की सबसे खास बात यह है कि इन टरबाइन जेनरेटरों में कम से कम 60% स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा। समझौते पर रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में मुहर लगाई गई। मरीन गैस टरबाइन जेनरेटर आधुनिक नौसैनिक युद्धपोतों की रीढ़ माने जाते हैं। इनका मुख्य काम युद्धपोतों पर बिजली पैदा करना होता है, जिससे जहाजों के उन्नत हथियार और सेंसर काम करते हैं।
मेकेदातु परियोजना पर कर्नाटक सरकार का बड़ा बयान
कर्नाटक सरकार ने कावेरी नदी पर प्रस्तावित मेकेदातु परियोजना को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि परियोजना से तमिलनाडु के हिस्से के पानी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। राज्य सरकार ने बताया कि यह परियोजना पूरी तरह कर्नाटक की सीमा के भीतर बनाई जानी है और इसका उद्देश्य बंगलूरू क्षेत्र की पेयजल जरूरतों को पूरा करना, तमिलनाडु को निर्धारित जल प्रवाह सुनिश्चित करना तथा 400 मेगावाट बिजली उत्पादन करना है। सरकार के अनुसार, मेकेदातु परियोजना के जरिए बंगलूरू क्षेत्र की पेयजल आवश्यकताओं के लिए 4.75 टीएमसी पानी का उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही सामान्य वर्ष में तमिलनाडु के लिए बिलीगुंडलु सीमा बिंदु पर निर्धारित मासिक जल प्रवाह को नियंत्रित और सुनिश्चित किया जाएगा।
कर्नाटक सरकार ने बताया कि तमिलनाडु ने इस परियोजना को चुनौती देते हुए वर्ष 2018 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। हालांकि, 13 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि केंद्रीय जल आयोग और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण विशेषज्ञ संस्थाएं हैं और इस मामले पर विचार कर रही हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी राज्य को दूसरे राज्य के आवंटित जल के उपयोग में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है, जब तक कि उससे उसके हिस्से का पानी कम न हो।
केरल हाईकोर्ट ने मदरसे में पढ़ने वाली आठ वर्षीय छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपी 63 वर्षीय मौलवी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि मामले में लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं और प्रथम दृष्टया यह एक सुनियोजित आपराधिक कृत्य प्रतीत होता है। जस्टिस कौसर एडप्पागथ की पीठ ने जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यह मामला एक मस्जिद के 63 वर्षीय मौलवी से जुड़ा है, जिस पर अपनी आठ साल की छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न करने का आरोप है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी 8 फरवरी से न्यायिक हिरासत में है। उस पर आरोप है कि मदरसे में पढ़ाई के दौरान उसने छात्रा के साथ अशोभनीय हरकत की और उसके निजी अंगों को छुआ। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
रत्नागिरी में पांच पर्यटकों की डूबने से गई जान
महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले स्थित गणपतिपुले तट पर शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। छत्रपति संभाजीनगर से आए आठ पर्यटकों का एक समूह समुद्र में नहाने उतरा था, तभी वे लहरों की चपेट में आ गए। इस हादसे में पांच पर्यटकों की डूबने से मौत हो गई, जबकि तीन को सुरक्षित बचा लिया गया। जिला सूचना अधिकारी के अनुसार, घटना सुबह करीब 11 बजे हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पर्यटक समुद्र की स्थिति और लहरों का सही अंदाजा नहीं लगा पाए, जिसके कारण यह दुखद हादसा हुआ। सूचना मिलते ही स्थानीय बचाव दल मौके पर पहुंचा और बचाव अभियान शुरू किया। प्रशासन मामले की विस्तृत जांच कर रहा है।
फोनपे के निष्क्रिय पड़े वॉलेट पर लगने वाले शुल्क का बैंक खातों व यूपीआई लेनदेन पर असर नहीं
डिजिटल भुगतान मंच फोनपे ने स्पष्ट किया कि उसके निष्क्रिय पड़े वॉलेट पर लगने वाले शुल्क का उपभोक्ताओं के लिंक किए गए बैंक खातों या यूपीआई लेनदेन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कंपनी ने शुल्क के संबंध में ग्राहकों को सूचना भेजी थी, जिसके बाद डिजिटल वॉलेट और यूपीआई के संचालन को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। कंपनी ने साफ कहा कि यह शुल्क केवल फोनपे वॉलेट पर लागू होता है, जो एक प्रीपेड भुगतान साधन (पीपीआई) है। इसका संबंध यूपीआई भुगतान से नहीं है जहां राशि सीधे उपयोगकर्ता के बैंक खाते से कटती है।
फोनपे के अनुसार, कई उपभोक्ता फोनपे खाते, यूपीआई खाते और फोनपे वॉलेट को एक ही सेवा मानते हैं जबकि ये अलग-अलग व्यवस्थाएं हैं और इन पर अलग-अलग नियम लागू होते हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी उपयोगकर्ता के वॉलेट में पर्याप्त शेष राशि नहीं है तो निष्क्रियता शुल्क उसके बैंक खाते या यूपीआई के माध्यम से नहीं वसूला जाएगा।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हैदराबाद स्थित हीरा ग्रुप से जुड़े धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में 159 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों की नीलामी की है। एजेंसी का कहना है कि नीलामी से मिली राशि का इस्तेमाल निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए किया जाएगा। ईडी के अनुसार, 23 अचल संपत्तियों की नीलामी 19 जून को मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉरपोरेशन लि. (एमएसटीसी) के माध्यम से की गई। ये संपत्तियां पहले धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जब्त की गई थीं। जांच में इन्हें अपराध से अर्जित संपत्ति माना गया था। एजेंसी ने बताया कि नीलामी की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पूरी की गई है। मामले की मुख्य आरोपी और हीरा ग्रुप की प्रमुख नवहीरा शेख को ईडी ने पिछले महीने हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार किया था। उनके साथ उनकी निजी सहायक नाजनीन अंसारी उर्फ आबिदा को भी पकड़ा गया था।
पहले भी कुछ संपत्तियों की हो चुकी है नीलामी: ईडी अब तक इस मामले में 428 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कर चुकी है। सुप्रीम कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद इन संपत्तियों की नीलामी कर निवेशकों को राहत देने की प्रक्रिया चल रही है। ईडी का आरोप है कि नवहीरा शेख, हीरा ग्रुप और उससे जुड़े लोगों ने लोगों को सालाना 36 प्रतिशत से अधिक रिटर्न का लालच देकर 5,978 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि जुटाई। बाद में निवेशकों को न तो वादा किया गया लाभ मिला और न ही मूल धन वापस किया गया। इस धोखाधड़ी में 1.72 लाख से अधिक निवेशकों को करीब 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
नई दिल्ली। भारत और दक्षिण कोरिया ने डिजिटल गवर्नेंस, ई-गवर्नेंस, लोक प्रशासन, क्षमता निर्माण और नागरिक-केंद्रित सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर वार्ता की है। यह चर्चा केंद्रीय कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह और दक्षिण कोरिया के आंतरिक और सुरक्षा मंत्री यून होजुंग के बीच बैठक के दौरान हुई।
कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने अपने-अपने प्रतिनिधिमंडलों के साथ एक घंटे से अधिक समय तक द्विपक्षीय वार्ता की। बैठक में दोनों देशों के बीच लोक प्रशासन और सरकारी नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। वार्ता में सरकारी सेवाओं के डिजिटल परिवर्तन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी उभरती तकनीकों के उपयोग, सिविल सेवकों के प्रशिक्षण, शासन में नागरिकों की भागीदारी और जन शिकायत निवारण प्रणालियों की सर्वोत्तम प्रक्रियाओं पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया के संबंध ऐतिहासिक रूप से अयोध्या की राजकुमारी सुरिरत्ना और तत्कालीन गया संघ के राजा सुरो के वैवाहिक संबंधों से जुड़े हैं, जिनकी गूंज आज भी दोनों देशों के रिश्तों में दिखाई देती है। दक्षिण कोरियाई ने स्मार्ट गवर्नेंस, डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं और आपदा व सुरक्षा प्रबंधन के क्षेत्र में अपने अनुभव साझा किए। दोनों देशों ने उभरती प्रशासनिक चुनौतियों से निपटने के लिए जन-जन संपर्क और संस्थागत साझेदारी को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
कर्नाटक: भू आवंटन घोटाले में पूर्व विधायक लिंगेश गिरफ्तार
जदएस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक केएस लिंगेश को बागैर हुकुम योजना के तहत भू आवंटन में घोटाले से जुड़े मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पूर्व रेवेन्यू इंस्पेक्टर, तहसीलदार और ग्राम लेखाकार भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, यह मामला कोलार के एक सामाजिक कार्यकर्ता की 2023 में दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। आरोप है कि जब लिंगेश बेलूर तालुक की बागैर हुकुम कमेटी के अध्यक्ष थे, तब सरकारी जमीनों का गैर-कानूनी तरीके से आवंटन किया गया।
भारत और चीन व्यापार...26 व्यापारियों के पास तैयार, कस्टम कार्यालय न खुलने से रोष
कोरोना काल के बाद भारत-चीन व्यापार अब फिर शुरू हो रहा है। 26 व्यापारियों के यात्रा पास ट्रेड कार्यालय पहुंच गए हैं जो सोमवार को उपलब्ध कराए जाएंगे। हालांकि गुंजी में कस्टम कार्यालय अभी तक नहीं खुल पाया है जिससे व्यापारियों में रोष है। भारत-चीन व्यापार समिति के अध्यक्ष जीवन सिंह रोंकली ने शीघ्र कस्टम कार्यालय खोलने की मांग की। सूत्रों के अनुसार तैनात कर्मचारी छुट्टी पर है।
युद्धपोत निर्माता कंपनी जीआरएसई को मिला नवरत्न का दर्जा
रक्षा क्षेत्र की सार्वजनिक उपक्रम कंपनी गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) लिमिटेड को सरकार के सार्वजनिक उद्यम विभाग ने प्रतिष्ठित नवरत्न का दर्जा प्रदान किया है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह दर्जा उसके लगातार बेहतर वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन को देखते हुए दिया गया। नवरत्न का दर्जा मिलने से कंपनी को बड़े निवेश करने, वित्तीय निर्णय लेने और परिचालन गतिविधियों में अधिक स्वायत्तता मिलेगी। कोलकाता स्थित इस युद्धपोत निर्माण कंपनी की परिचालन आय वित्त वर्ष 2021-22 में 1,754 करोड़ रुपये थी, जो बढ़कर 2025-26 में 7,002 करोड़ रुपये हो गई। यह लगभग 300 प्रतिशत की वृद्धि है। इस अवधि में जीआरएसई का टैक्स पश्चात लाभ (पीएटी) 190 करोड़ रुपये से बढ़कर 748 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो करीब 294 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाता है।