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आरोप: न्यूजीलैंड के नागरिक ने कहा, भारत सरकार ने बिना कारण प्रवेश देने से मना किया

Fri, 09 Jul 2021 11:12 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Fri, 09 Jul 2021 11:12 PM IST
सार

न्यूजीलैंड के एक नागरिक ने भारत सरकार पर उन्हें बगैर कोई कारण बताए प्रवेश देने से मना करने का आरोप लगाया है और कहा कि इसके चलते वह अपनी भारतीय पत्नी से अलग रह रहे हैं। हालांकि, गृह मंत्रालय ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि वीजा शर्तों के उल्लंघन को लेकर उन्हें आने की अनुमति नहीं दी गई।

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New Zealand citizen blames Government of India for not allowing him to enter without reason
कार्ल रॉक - फोटो : वीडियो स्क्रीनग्रैब

विस्तार

कार्ल रॉक नामक इस व्यक्ति ने न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न से इस बारे में अपील की है और उन्हें काली सूची में डालने के भारत सरकार के फैसले को वापस लेने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है। उन्होंने जन समर्थन जुटाने के लिए एक ऑनलाइन याचिका भी शुरू की है।

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'कंटेंट क्रिएटर' होने का दावा करने वाले कार्ल ने ट्विटर पर अपनी कहानी का एक वीडियो साझा करते हुए आईएमकार्लरॉक हैंडल से ट्वीट किया, 'प्रिय जैसिंडा अर्डर्न, भारत सरकार ने मुझे भारत में प्रवेश करने से रोक कर मुझे दिल्ली में रह रही अपनी पत्नी और परिवार से अलग कर दिया है। उन्होंने कारण बताए बगैर मुझे काली सूची में डाल दिया है।'
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उन्होंने दावा किया कि उनकी पत्नी मनीषा मलिक हरियाणा से हैं और उनकी 2019 में शादी हुई थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह पिछले साल कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे और इस रोग से उबरने के बाद उन्होंने संक्रमितों की मदद के लिए दिल्ली में दो बार प्लाज्मा दान किया था।

वहीं, इस मामले में संपर्क किए जाने पर केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि वीजा नियमों और शर्तों का उल्लंघन करने को लेकर न्यूजीलैंड के नागरिक को अगले साल तक भारत में प्रवेश करने से रोक दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि उन्हें पर्यटन वीजा पर कारोबारी गतिविधियां करते और अन्य वीजा नियमों का उल्लंघन करते पाया गया था। 

वीडियो में कार्ल ने दावा किया है कि करीब आठ महीने पहले, जब वह दुबई और पाकिस्तान जाने वाले थे, उन्हें हवाई अड्डे पर कहा गया कि उनका भारतीय वीजा रद्द हो गया है। तब उन्होंने गृह मंत्रालय के अधिकारियों और न्यूजीलैंड में भारतीय उच्चायोग से संपर्क कर इसका कारण जानना चाहा था।


उन्होंने कहा कि उन्हें किसी से भी अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। कार्ल ने कहा कि उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख कर राहत मांगी है और उनके प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने संबंधी सरकार के फैसले को पलटने का अनुरोध किया है।

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