आरएसएस की नई यूनिफॉर्म की बिक्री शुरू
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) में युवाओं की तादात बढ़ रही है। इसे देखते हुए संगठन ने अपनी वर्दी में बदलाव किए और और नई वर्दी लॉन्च की है। अब स्वयं सेवकों को हाफ पैंट से निजात मिलेगी और वे पहनते थे, और वे फुल पैंट पहन सकेंगे। हालांकि पहले की ड्रेस के मुकाबले इस नई ड्रेस में पैंट के अलावा ज्यादा कुछ बदला हुआ नजर नहीं आता है। पहले खाकी का हाफ पैंट वर्दी में शामिल थी, अब भूरे रंग की फुल पैंट है।
संघ ने अपनी नई ड्रेस की बिक्री भी शुरू कर दी है। एबीपी न्यूज की खबर के मुताबिक संघ की नई ड्रेस नागपुर में हेडगेवार स्मृति मंदिर से बेची जा रही है। आने वाले दशहरे के मौके पर नई ड्रेस में स्वयं सेवक नजर आएंगे। बताया जा रहा है कि संघ ने ड्रेस में बदलाव युवाओं की मांग की वजह से किया।
इससे पहले भी संघ हाफ पैंट बदलने पर विचार बना चुकी थी, संघ का मानना है कि विषम परिस्थियों में काम करने के लिए हाफ पैंट उपयोगी साबितो होती है, इसीलिए इसे यूनिफॉर्म में रखा गया था।
युवाओं की मांग पर संघ ने बदली ड्रेस
1925 संघ की स्थापना से लेकर अब तक कई दफा वर्दी में बदलाव किए गए हैं। शुरुआत में कांग्रेसियों के पहनावे की तरह संघ की ड्रेस हुआ करती थी। उस दौरान पूरी ड्रेस खाकी की हुआ करती थी और जूते काले होते थे। बाद में खाकी टोपी भी ड्रेस में शामिल की गई। क्रॉस बेल्ट और आरएसएस लिखा हुआ बैज भी ड्रेस में शामिल किया गया था। क्रॉस बेल्ट संघ के वरिष्ठ लोग पहनते थे।
1940 में खाकी शर्ट की जगह सफेद शर्ट ने ली। 1973 में भारी बूट की जगह हल्के काले जूतों ने ली। चमड़े की बेल्ट बदली गई और सिंथेटिक बेल्ट लाई गई।
संघ ने बीते साल भर में करीब 6 हजार नई शाखाएं शुरू की हैं। इस दौरान संघ में युवाओं की तादात भी अच्छी-खासी हो गई है। माना जा रहा है कि संघ युवाओं की मांग पर गौर करते हुए नए बदलावों के लिए राजी हुआ है।