फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   New missile testing range will be built in Andhra Pradesh, Security Cabinet Committee approved the proposal

Defence: आंध्र प्रदेश में बनेगी नई मिसाइल परीक्षण रेंज, सुरक्षा कैबिनेट समिति ने दी प्रस्ताव को मंजूरी

Sun, 13 Oct 2024 08:51 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Sun, 13 Oct 2024 08:51 PM IST
सार

नई मिसाइल परीक्षण रेंज में सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल, एंटी टैंक मिसाइल और डीआरडीओ के सामरिक मिसाइल सिस्टम का परीक्षण किया जाएगा। 

विज्ञापन
New missile testing range will be built in Andhra Pradesh, Security Cabinet Committee approved the proposal
मिसाइल (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एएनआई

विस्तार

आंध्र प्रदेश में नई मिसाइल परीक्षण रेंज बनाई जाएगी। भारत सरकार की सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है। बताया जाता है कि नई रेंज आंध्र प्रदेश के नागयालंका क्षेत्र में बनाई जाएगी। इसके बाद देश में मिसाइलों के परीक्षण में तेजी आएगी। 
विज्ञापन


भारत को रक्षा क्षेत्र में मजबूत करने के लिए लगातार सरकार काम कर रही है। जहां एक ओर वैज्ञानिक नई-नई मिसाइल विकसित कर रहे हैं तो दूसरी ओर सरकार रक्षा क्षेत्र में नए प्रस्तावों पर मुहर लगा रही है। बताया जाता है कि नई मिसाइल परीक्षण रेंज में सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल, एंटी टैंक मिसाइल और डीआरडीओ की सामरिक मिसाइल सिस्टम का परीक्षण किया जाएगा। 
विज्ञापन


इससे पहले सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने नौसेना, सेना और वायुसेना के लिए दो परमाणु पनडुब्बियों के निर्माण और अमेरिका से 31 प्रीडेटर ड्रोन खरीदने की मंजूरी दी थी। इस बैठक में 80,000 करोड़ रुपये के प्रमुख सौदों को पारित किया गया था। 31 ड्रोन में से भारतीय नौसेना को 15 और सेना और वायुसेना को 8-8 ड्रोन मिलेंगे। सेना और वायुसेना इन्हें यूपी में अपने दो स्टेशनों में तैनात करेंगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


डीआरडीओ ने की है मिसाइल परीक्षण की तैयारी
वहीं रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन नई पीढ़ी की मिसाइलों के टेस्ट की तैयारी कर रहा है। डीआरडीओ ने बड़े स्तर पर मिसाइल परीक्षण कार्यक्रम तैयार किया है। इस दौरान पारंपरिक और स्ट्रेटेजिक मिसाइलों का परीक्षण किया जाएगा। इन परीक्षणों से देश की रक्षा क्षमताओं में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। बताया जाता है कि ये परीक्षण न केवल मौजूदा मिसाइल सिस्टम के अहम पड़ाव साबित होंगे बल्कि नई पीढ़ी की मिसाइलों की भी नींव रखेंगे। यह पहल डिफ़ेंस सेक्टर में आत्मनिर्भरता हासिल करने की भारत की प्रतिबद्धता को जताता है। हाल ही में बदली भू-राजनीतिक पारिस्थितियों के चलते ये परीक्षण आवश्यक हो गये हैं। यह परीक्षण कार्यक्रम भारत की प्रतिरोध क्षमताओं को और मजबूत करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed