New IT Rules 2021: ट्विटर ने जानबूझकर आईटी कानूनों की अवहेलना की..कानूनी सुरक्षा गंवाने पर बोले रविशंकर
केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'यह स्पष्ट है कि ट्विटर ने 25 मई से लागू हुए नए आईटी नियमों का पालन नहीं किया। उसने कई अवसर मिलने के बावजूद जानबूझकर इनका पालन ना करने का रास्ता चुना। इसके बाद यह कार्रवाई की गई है।'
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नए आईटी नियमों का पालन नहीं करना ट्विटर को भारी पड़ गया। ट्विटर ने भारत में मिला कानूनी सुरक्षा का आधार गंवा दिया है। इस पर केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को कहा कि ट्विटर को भारत में मिले कानूनी संरक्षण को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा, यह स्पष्ट है कि ट्विटर ने 25 मई से लागू हुए नए आईटी नियमों का पालन नहीं किया। उसने कई अवसर मिलने के बावजूद जानबूझकर इनका पालन ना करने का रास्ता चुना। इसके बाद यह कार्रवाई की गई है।
आईटी एवं कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कू पर सिलसिलेवार पोस्ट कर कहा कि ट्विटर को इन नियमों का पालन करने के लिए कई अवसर दिए गए, लेकिन उसने जानबूझकर इन नियमों की अवहेलना का रास्ता अख्तियार किया। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति उसकी विशाल भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से बदलती रहती है। इन हालातों में सोशल मीडिया का व्यापक प्रभाव पड़ता है।
आईटी एवं कानून मंत्री ने कहा कि एक छोटी से चिंगारी बड़ी आग में तब्दील हो सकती है खासकर फेक न्यूज के मामले में। आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आश्चर्यजनक है कि स्वयं को स्वतंत्र अभिव्यक्ति के ध्वजवाहक के रूप में पेश करने वाला ट्विटर खुद नियमों की अवहेलना करता है।
मैनुपलेट नीति का इस्तेमाल ट्विटर ने अपनी सुविधानुसार किया
उन्होंने कहा, हैरान कर देने वाली बात यह है कि ट्विटर भारतीय कानूनों के मुताबिक, शिकायत निवारण तंत्र स्थापित कर अपने यूजर्स की शिकायतों का समाधान करने में नाकाम रहा। इसके बजाय उसने मैनुपलेट मीडिया की नीति का अनुसरण किया, लेकिन उसने इस टैगिंग का इस्तेमाल भी अपनी सुविधानुसार किया। जब उसे अच्छा लगा तो मैनुपलेटेड टैग लगा दिया और जब नापसंद रहा तो ऐसा नहीं किया। प्रसाद ने कहा कि जो कुछ भी हाल ही में उत्तर प्रदेश में घटित हुआ, वो ट्विटर की फेक न्यूज के खिलाफ अतार्किकता को दर्शाता है।
बोले- भारतीय कंपनियां जहां व्यापार करती हैं, वहां कानून मानती हैं..
ट्विटर एक ओर अपनी फैक्ट चेक सिस्टम को लेकर उतावला रहा, लेकिन वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक मुस्लिम बुजुर्ग की दाढ़ी काटे जाने जैसी परेशान करने वाली खबरों के मामले में त्वरित कार्रवाई करने में विफल रहा। उसने भ्रामक जानकारी को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया। प्रसाद ने कहा कि भारतीय कंपनियां, चाहे आईटी, फार्मा या अन्य क्षेत्र की हों, वो जब अमेरिका या अन्य देशों में कारोबार करने जाती हैं तो वहां के स्थानीय कानूनों का पालन करती हैं।