फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   G N Saibaba: Former IAS officer Harsh Mander called Jean Saibaba a hero, said his death was a murder

G N Saibaba: पूर्व IAS अधिकारी हर्ष मंदर ने जीएन साईबाबा को बताया नायक, कहा- उनकी मृत्यु एक संस्थागत हत्या

Tue, 22 Oct 2024 05:07 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Tue, 22 Oct 2024 05:07 AM IST
सार

G N Saibaba: दिवंगत प्रोफेसर जीएन साईबाबा के लिए आयोजित एक स्मारक सेवा में पूर्व आईएएस अधिकारी हर्ष मंदर ने कहा कि जीएन साईबाबा अपने देश के प्रति अगाध प्रेम रखने वाले व्यक्ति थे और उन्हें एक नायक के रूप में देखा जाना चाहिए।

विज्ञापन
G N Saibaba: Former IAS officer Harsh Mander called Jean Saibaba a hero, said his death was a murder
जीएन साईबाबा - फोटो : पीटीआई

विस्तार

राष्ट्रीय मंच (एनपीआरडी) द्वारा सोमवार को दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के पूर्व प्रोफेसर जीएन सीईबाबा के लिए आयोजित एक स्मारक सेवा का आयोजन किया गया। जिसमें पूर्व आईएएस अधिकारी और कार्यकर्ता हर्ष मंदर ने जीएन साईबाबा को लेकर कहा कि जीएन साईबाबा अपने देश के प्रति अगाध प्रेम रखने वाले व्यक्ति थे और उन्हें एक नायक के रूप में देखा जाना चाहिए। इसके साथ ही मंदर और अन्य कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि साईबाबा की मृत्यु एक संस्थागत हत्या थी और जेल में खराब स्थितियों के कारण उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया था।
विज्ञापन


'जीएन साईबाबा को छात्र करते थे प्यार'
पूर्व अधिकारी मंदर ने साईबाबा को एक ऐसे प्रोफेसर के रूप में वर्णित किया, जिन्हें उनके छात्र प्यार करते थे और जो अन्याय और अमानवीयता के बारे में चिंतित व्यक्ति थे। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि सत्ता प्रतिष्ठान ने उन पर माओवादी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा उनके किसी भी तरह की हिंसक गतिविधि में शामिल होने का कोई सबूत नहीं है।
विज्ञापन


जेल में प्रताड़ना का आरोप
मंदर ने कहा कि साईबाबा ने पूरे कोविड-19 महामारी काल सहित 10 साल जेल में बिताए। इनमें से किसी ने भी साईबाबा के बेहतर भविष्य के विश्वास को नहीं तोड़ा, लेकिन इसने उनके शरीर को तबाह कर दिया। उन्हें सभी अपराधों से मुक्त कर दिया गया, लेकिन आखिरकार उनका शरीर हार गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम ऐसे समय में रह रहे हैं जब साईबाबा जैसे लोगों को उनके साहस के लिए नायक और आदर्श के रूप में देखा जाना चाहिए। इसके बजाय, सत्ता प्रतिष्ठान इतना डरता है कि वह उन्हें जेल की दीवारों के पीछे डाल देता है। बता दें कि सेवानिवृत्त डीयू प्रोफेसर नंदिता नारायण ने कहा कि साईबाबा को गिरफ्तार किए जाने पर "बोरे की तरह इधर-उधर फेंका गया।

चलाया गया साईबाबा के संबोधन का वीडियो
इस अवसर पर जी एन साईबाबा द्वारा इस साल के शुरुआत में संबोधित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो क्लिप चलाया गया। वीडियो क्लिप में साईबाबा को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि जेल जाने से पहले उन्हें पोलियो की बीमारी के अलावा कोई बीमारी नहीं थी। इसके साथ ही वीडियो में उन्होंने कहा था कि जब पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया तो उनके बाएं हाथ में चोट लग गई थी क्योंकि उन्हें उनके हाथ से घसीटा गया था और सूजे हुए हाथ का लंबे समय तक इलाज नहीं किया गया था।


एनजीओ ने किया मौत को लेकर दावा
दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर जीएन साईबाबा (57) का 12 अक्तूबर को हैदराबाद में निधन हो गया था। अब उनकी मौत को लेकर कई सवाल खड़े होने लगे। जिसको लेकर एक गैर सरकारी संगठन नेशनल प्लेटफार्म फॉर द राइट्स ऑफ द डिसेबल्ड ने दावा किया था कि लंबे समय तक कारावास और अपर्याप्त चिकित्सा देखभाल के कारण साईबाबा की बीमारियां बढ़ गईं थी। जिसके चलते उनकी असामयिक मृत्यु  हो गई। बता दें कि इस साल मार्च में बॉम्बे हाईकोर्ट ने साईबाबा को माओवादी संबंधों को लेकर यूएपीए मामले में आरोप मुक्त कर दिया था। इसके पहले उन्होंने 10 वर्षों तक जेल में रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed