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Hindi News ›   India News ›   Netaji Subhas Chandra Bose's family pictures found in Gumnami Baba's box.

गुमनामी बाबा के बक्से से मिली नेता जी के परिवार की तस्वीर

Wed, 16 Mar 2016 12:53 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 16 Mar 2016 12:53 PM IST
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Netaji Subhas Chandra Bose's family pictures found in Gumnami Baba's box.
- फोटो : pti
क्या गुमनामी बाबा ही नेताजी सुभाष चंद्र बोस थे इस पर रहस्य गहराता जा रहा है? इस बीच गुमनामी बाबा के बक्से से नेताजी के परिवार की कुछ तस्वीरें मिली हैं, जिससे एक बार फिर ऐसा लग रहा है कि गुमनामी बाबा ही नेताजी थे। 
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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक गुमनामी बाबा के बक्से से मिली तस्वीर में नेता जी के माता-पिता जानकी नाथ बोस और प्रभावती बोस नजर आ रहे हैं। इस बात की पुष्टि शक्ति सिंह ने की है। शक्ति सिंह उस राम भवन के मालिक हैं, जहां गुमनामी बाबा ने 1982 से 1985 तक अपने आखिरी तीन साल बिताए थे।
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शक्ति सिंह ने बताया कि बोस परिवार की पारिवारिक तस्वीर में उनके माता-पिता के अलावा 22 और सदस्य नजर आ रहे हैं। गुमनामी बाबा की पहचान को लेकर फैजाबाद जिला प्रशासन की ओर से बनाई गई प्रशासनिक समिति ने शक्ति सिंह को खास तौर से इसमें शामिल किया है, जिससे उनके रहस्यों पर से पर्दा उठ सके।
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शक्ति सिंह ने बताया कि नेता जी के भाई सुरेश चंद्र बोस की बेटी ने 4 फरवरी 1986 में फैजाबाद के रामभवन का दौरा किया था। उन्होंने तस्वीरों में मौजूद लोगों की पहचान की थी। सिंह ने बताया कि ललिता बोस के विवरण को ट्रेजरी की सूची शामिल किया गया है।

गुमनामी बाबा के बक्शे में मिली नेताजी के परिवार की तस्वीर

Netaji Subhas Chandra Bose's family pictures found in Gumnami Baba's box.
शक्ति सिंह ने कहा कि तस्वीर में जो भी लोग खड़े हैं उनमें सबसे ऊपर (बाएं से दाएं) सुभाष चंद्र बोस, सतीश चंद्र बोस, शरत चंद्र बोस, सुरेश चंद्र बोस, सुनील चंद्र बोस और सुभाष चंद्र बोस शामिल हैं। मध्य की पंक्ति में, जानकीनाथ बोस और प्रभावती बोस अपनी तीनों पुत्रियों के साथ बैठे नजर आ रहे हैं। सबसे नीचे वाली पंक्ति में जानकीनाथ के पोते-पोती शामिल हैं।

इसके अलावा, गुमनामी बाबा को आजाद हिंद फौज के बड़े नेता पवित्र मोहन रॉय (आईएनए की इंटेलिजेंस विंग वरिष्ठ अधिकारी) और सुनील कांत गुप्ता के भेजे टेलीग्राम भी मिले हैं। ये टेलीग्राम दुर्गा पूजा और 23 जनवरी (नेता जी के जन्मदिन) के अवसर पर भेजे गए थे।

शक्ति सिंह ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि गुमनामी बाबा की लोगों से अप्रत्यक्ष संदर्भ बनाने की आदत थी। वह सुनील कांत गुप्ता को सुकृति कहकर बुलाते थे। इसके अलावा कुछ पत्र और मिले हैं जो मुकुल और तृप्ति के नाम से भेजे गए हैं।

शक्ति सिंह, सुभाष चंद्र बोस विचार केंद्र फैजाबाद के अध्यक्ष हैं। उन्होंने बताया कि सभी पत्र और दस्तावेज रामभवन से मिले हैं और फैजाबाद ट्रेजरी में इसे रखा गया है। बाबा केवल संत नहीं थे, वह कोई असाधारण इंसान थे।
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