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NEET Exam Row: कांग्रेस MLA जारकीहोली ने BJP के आरोपों को बताया बेबुनियाद, कहा- पार्टी को पहले से थी जानकारी
Tue, 23 Jun 2026 01:09 AM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलंगलूरू।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलंगलूरू।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 23 Jun 2026 01:09 AM IST
सार
बंगलूरू में नीट की परीक्षा के दौरान देरी से पहुंचे कुछ छात्रों को प्रवेश नहीं मिला और वे गेट के बाहर रोते और अंदर जाने की कोशिश करते दिखाई दिए। भाजपा ने इस देरी के लिए कांग्रेस की रैली को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, कांग्रेस विधायक सतीश जारखोली ने आरोपों का खंडन किया। जारखोली ने क्या कहा, पढ़िए रिपोर्ट-
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सतीश जारकीहोली, कांग्रेस विधायक
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/फेसबुक/सतीश जारकीहोली
विस्तार
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) विवाद पर कांग्रेस विधायक जारकीहोली ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा, उन्हें पहले से पता था कि उनके कार्यक्रम स्थल के पास नीट के तीन केंद्र हैं। परीक्षा सुबह 10 बजे शुरू हुई थी। उनका कार्यक्रम 11 बजे शुरू हुआ। इसलिए दोनों के बीच समय या प्रवेश का टकराव नहीं था।
उन्होंने कहा, पार्टी को पहले से जानकारी थी कि परीक्षा हो रही है और यह भी सुनिश्चित किया गया था कि किसी तरह की बाधा न आए। उन्होंने कहा कि सुबह 10 बजे के बाद पूरे इलाके में भीड़ बढ़ गई थी। लेकिन पार्टी ने स्थिति को संभालने के लिए उचित कदम उठाए।
कर्नाटक कैबिनेट विस्तार को लेकर जारकीहोली ने कहा कि इस बारे में उन्हें कुछ पता नहीं है। उन्होंने कहा कि इसका फैसला नेतृत्व करेगा और वह केवल इंतजार करेंगे। जब समय आएगा, तब निर्णय होगा। उन्होंने यह भी कहा कि कई लोग अपनी वरिष्ठता के आधार पर मंत्री बनने की इच्छा रखते हैं। लेकिन फिलहाल सभी को इंतजार करना होगा।
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गेट के बाहर बिलखते रहे छात्र
कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू से सामने आए दृश्यों में देखा जा सकता है कि तय समय से कुछ ही मिनट देरी से पहुंचे छात्र परीक्षा केंद्र के अंदर जाने के लिए सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों के सामने हाथ जोड़ते रहे। कुछ छात्र बंद लोहे के गेट को पकड़कर रोते हुए देखे गए, लेकिन नियमों का हवाला देते हुए उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। अभ्यर्थी गेट के ऊपर से या नीचे से अंदर घुसने की नाकाम कोशिश करते भी नजर आए।
इससे पहले भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने रविवार को आरोप लगाया था कि शहर में नीट परीक्षा के दिन कांग्रेस की विशाल रैली के कारण भारी ट्रैफिक जाम हुआ। इससे कई छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में परेशानी हुई। वहीं, सूर्या का नाम लिए बिना राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने उन्हें गलत जानकारी फैलाने वाला सांसद बताया था। उन्होंने आरोपों को अधूरा सच करार दिया था।
सूर्या जिस कार्यक्रम का जिक्र कर रहे थे, वह यहां पैलेस ग्राउंड में कांग्रेस का विशाल सम्मेलन था। यह सम्मेलन पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष के रूप में बीके हरिप्रसाद के पदभार ग्रहण करने के अवसर पर आयोजित किया गया था।
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने क्या आरोप लगाए थे?
सूर्या ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी अपनी रैली के लिए कोई भी दूसरा दिन चुन सकती थी। लेकिन उसने वही दिन चुना, जिस दिन हजारों छात्र नीट परीक्षा दे रहे थे। उन्होंने कहा कि भारी ट्रैफिक जाम के कारण कई छात्र देर से पहुंचे और कुछ को घबराहट की स्थिति में परीक्षा केंद्र पहुंचकर अधिकारियों से अंदर जाने की अनुमति मांगनी पड़ी।
ये भी पढ़ें: महाराष्ट्र: अन्ना हजारे का सरकार को अल्टीमेटम, बोले- RTI नियमों बदलाव वापस नहीं लिए तो करूंगा अनशन
उन्होंने कहा कि परीक्षा अधिकारियों ने छात्रों की स्थिति को देखते हुए उन्हें परीक्षा में शामिल होने दिया और अतिरिक्त समय भी प्रदान किया। सूर्या ने आरोप लगाया कि पिछले कई हफ्तों से कांग्रेस नेता राहुल गांधी छात्रों और परीक्षाओं को लेकर 'मगरमच्छ के आंसू' बहा रहे हैं। बंगलूरू दक्षिण से सांसद सूर्या ने कहा कि यदि उनकी वास्तव में ईमानदार चिंता होती, तो उनकी पार्टी शहर के बीचोंबीच भारत की सबसे अहम प्रवेश परीक्षाओं में से एक के समय इतनी बड़ी राजनीतिक रैली आयोजित नहीं करती।
उन्होंने कहा, छात्रों को संवेदनशीलता चाहिए, राजनीतिक दिखावा नहीं। छात्रों की चिंता केवल दिल्ली में नारेबाजी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए और बंगलूरू में छात्रों के लिए परेशानी का कारण भी नहीं बननी चाहिए।
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उन्होंने कहा, पार्टी को पहले से जानकारी थी कि परीक्षा हो रही है और यह भी सुनिश्चित किया गया था कि किसी तरह की बाधा न आए। उन्होंने कहा कि सुबह 10 बजे के बाद पूरे इलाके में भीड़ बढ़ गई थी। लेकिन पार्टी ने स्थिति को संभालने के लिए उचित कदम उठाए।
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कर्नाटक कैबिनेट विस्तार को लेकर जारकीहोली ने कहा कि इस बारे में उन्हें कुछ पता नहीं है। उन्होंने कहा कि इसका फैसला नेतृत्व करेगा और वह केवल इंतजार करेंगे। जब समय आएगा, तब निर्णय होगा। उन्होंने यह भी कहा कि कई लोग अपनी वरिष्ठता के आधार पर मंत्री बनने की इच्छा रखते हैं। लेकिन फिलहाल सभी को इंतजार करना होगा।
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गेट के बाहर बिलखते रहे छात्र
कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू से सामने आए दृश्यों में देखा जा सकता है कि तय समय से कुछ ही मिनट देरी से पहुंचे छात्र परीक्षा केंद्र के अंदर जाने के लिए सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों के सामने हाथ जोड़ते रहे। कुछ छात्र बंद लोहे के गेट को पकड़कर रोते हुए देखे गए, लेकिन नियमों का हवाला देते हुए उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। अभ्यर्थी गेट के ऊपर से या नीचे से अंदर घुसने की नाकाम कोशिश करते भी नजर आए।
Bengaluru, Karnataka: Students are seen crying after arriving late at the NEET examination centre pic.twitter.com/TYug1N9lep
— IANS (@ians_india) June 21, 2026
Bengaluru, Karnataka: Students arriving late at the NEET examination centre are trying to enter through the gate pic.twitter.com/paF67NdSoV
— IANS (@ians_india) June 21, 2026
इससे पहले भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने रविवार को आरोप लगाया था कि शहर में नीट परीक्षा के दिन कांग्रेस की विशाल रैली के कारण भारी ट्रैफिक जाम हुआ। इससे कई छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में परेशानी हुई। वहीं, सूर्या का नाम लिए बिना राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने उन्हें गलत जानकारी फैलाने वाला सांसद बताया था। उन्होंने आरोपों को अधूरा सच करार दिया था।
सूर्या जिस कार्यक्रम का जिक्र कर रहे थे, वह यहां पैलेस ग्राउंड में कांग्रेस का विशाल सम्मेलन था। यह सम्मेलन पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष के रूप में बीके हरिप्रसाद के पदभार ग्रहण करने के अवसर पर आयोजित किया गया था।
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने क्या आरोप लगाए थे?
सूर्या ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी अपनी रैली के लिए कोई भी दूसरा दिन चुन सकती थी। लेकिन उसने वही दिन चुना, जिस दिन हजारों छात्र नीट परीक्षा दे रहे थे। उन्होंने कहा कि भारी ट्रैफिक जाम के कारण कई छात्र देर से पहुंचे और कुछ को घबराहट की स्थिति में परीक्षा केंद्र पहुंचकर अधिकारियों से अंदर जाने की अनुमति मांगनी पड़ी।
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उन्होंने कहा कि परीक्षा अधिकारियों ने छात्रों की स्थिति को देखते हुए उन्हें परीक्षा में शामिल होने दिया और अतिरिक्त समय भी प्रदान किया। सूर्या ने आरोप लगाया कि पिछले कई हफ्तों से कांग्रेस नेता राहुल गांधी छात्रों और परीक्षाओं को लेकर 'मगरमच्छ के आंसू' बहा रहे हैं। बंगलूरू दक्षिण से सांसद सूर्या ने कहा कि यदि उनकी वास्तव में ईमानदार चिंता होती, तो उनकी पार्टी शहर के बीचोंबीच भारत की सबसे अहम प्रवेश परीक्षाओं में से एक के समय इतनी बड़ी राजनीतिक रैली आयोजित नहीं करती।
उन्होंने कहा, छात्रों को संवेदनशीलता चाहिए, राजनीतिक दिखावा नहीं। छात्रों की चिंता केवल दिल्ली में नारेबाजी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए और बंगलूरू में छात्रों के लिए परेशानी का कारण भी नहीं बननी चाहिए।