{"_id":"58f09aa64f1c1b9f36cf959d","slug":"need-to-keep-non-serious-parties-out-of-political-system-parliamentary-panel","type":"story","status":"publish","title_hn":"संसदीय समिति ने कहा, पॉलिटिकल सिस्टम से बाहर हों फर्जी पार्टियां","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
संसदीय समिति ने कहा, पॉलिटिकल सिस्टम से बाहर हों फर्जी पार्टियां
amarujala.com- Presented by: अजय कुमार सिंह
Updated Fri, 14 Apr 2017 03:17 PM IST
विज्ञापन
संसदीय समिति ने कहा है कि जो राजनीतिक पार्टियां गंभीर नहीं हैं, उनको राजनीतिक व्यवस्था से बाहर रखने की आवश्यकता है। समिति ने कहा कि उन दलों के पंजीकरण कानून के अंतगर्त विनियमित किया जाना चाहिए, जिन्हें टैक्स छूट जैसी सुविधाएं मिलती है। समिति की सिफारिशों के बाद चुनाव आयोग ने 255 राजनीतिक दलों को डी-लिस्ट) कर दिया है। आयोग के इस कदम के बाद अब सिस्टम से फर्जी सियासी दल बाहर हो जाएंगे।
विज्ञापन
संसदीय समिति का मानना है कि राजनीतिक दलों के पंजीकरण से संबंधित प्रावधानों को और अधिक कड़े बनाया जाना चाहिए ताकि गैर-गंभीर राजनैतिक दल पहले स्थान पर पंजीकृत न हों और यदि पंजीकृत हो, तो उनका पंजीकरण रद्द हो सकता है," संसदीय स्थायी कानून और कार्मिक समिति ने कहा है कि इसकी नवीनतम रिपोर्ट में अभी संपन्न बजट सत्र में पेश किया गया है।
विज्ञापन
समिति ने कहा कि राजनीतिक दलों के पंजीकरण को विनियमित करने और कानून के जरिए पंजीकरण को रद्द करने / रद्द करने की संभावना का पता होना चाहिए। देश में 1780 से ज्यादा पंजीकृत, लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियां हैं। इसके अलावा, सात राष्ट्रीय पार्टियां हैं जिनमें भाजपा, कांग्रेस, बसपा, तृणमूल कांग्रेस, भाकपा, माकपा और एनसीपी शामिल हैं। देश में 58 राज्य स्तरीय पार्टियां हैं।
विज्ञापन