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Amit Shah: केंद्रीय गृहमंत्री बोले- सुरक्षा ढांचे को मजबूत करे आईबी, भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहे

Mon, 23 Dec 2024 11:07 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 23 Dec 2024 11:07 PM IST
सार

Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हमें गलत सूचना, अफवाहों और फर्जी खबरों के प्रसार को पूरी तरह से रोकने के लिए एक मजबूत रणनीति, तकनीकी संसाधन और तत्परता की जरूरत है। उन्होंने कहा, इन समस्याओं से निपटने के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना जरूरी है।

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Need to broaden Intelligence Bureau's concept of security and prepare for future challenges: Amit Shah
अमित शाह - फोटो : X/Amit Shah

विस्तार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि भारत की खुफिया ब्यूरो (आईबी) को अपनी सुरक्षा की परिभाषा को व्यापक बनाना होगा और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा। शाह दिल्ली में 37वें 'खुफिया ब्यूरो शताब्दी अक्षय निधि व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे। 

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इस अवसर पर शाह ने कहा कि आईबी को एक अत्याधुनिक खुफिया एजेंसी बनने के लिए खुद को तैयार करना होगा और इसके लिए युवा अधिकारियों को आगे आकर जिम्मेदारी निभानी होगी। गृह मंत्री ने कहा कि आज के दौरा में सुरक्षा की परिभाषा केवल सीमाओं और नागरिकों की रक्षा तक सीमित नहीं रह सकती। 
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उन्होंने कहा, आज संप्रभुता की परिभाषा केवल भौगोलिक सीमाओं तक नहीं है। अगर हम नवाचार, तकनीकी, अर्थव्यवस्था, संसाधनों और अनुसंधान व विकास की प्रक्रियाओं को संप्रुभता की परिभाषा में शामिल नहीं करेंगे, तो हम अपने देश की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकते। 
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गृह मंत्री ने यह भी कहा कि एक कंप्यूटर के क्लिक से किसी भी देश के महत्वपूर्ण डिजिटल ढांचे को नुकसान पहुंचाया जा सकता है। इसलिए खुफिया ब्यूरो को सुरक्षा की परिभाषा का विस्तार करना होगा। 

शाह ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल) और साइबर स्पेस जैसे क्षेत्रों में तेजी आ रहे बदलावों पर सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि अब केवल शारीरिक नुकसान पहुंचाने वाली राष्ट्र विरोधी ताकतों से सतर्क रहना ही पर्याप्त नहीं है। अब सुरक्षा की निगरानी को एक नया रूप देना होगा, जो इन नई तकनीकियों और खतरों से निपट सके। 
 
'मजबूत रणनीति, तकनीकी संसाधन और तत्परता की जरूरत'
अमित शाह ने यह भी कहा कि हमें गलत सूचना, अफवाहों और फर्जी खबरों के प्रसार को पूरी तरह से रोकने के लिए एक मजबूत रणनीति, तकनीकी संसाधन और तत्परता की जरूरत है। उन्होंने कहा, इन समस्याओं से निपटने के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना जरूरी है। इसके लिए हमें पूरी तरह से तैयार रहना होगा। 
 
'दुनिया की तीसरी सबसे बढ़ी अर्थव्यवस्था बनेगा भारत'
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में आईबी के लिए आश्यक तकनीकी संसाधन और तैयारी का जिम्मा युवा अधिकारियों पर होगा। उन्होंने कहा कि 2027 तक भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा और ऐसे में खतरे बढ़ेंगे, जिससे निपटने के लिए एक मजबूत ढांचे की आवश्यकता होगी। 

'खतरों का मुकाबला करने के लिए बनाना होगा रोडमैप'
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुसार 2047 तक भारत को पूरी तरह से विकसित देश बनाने के लिए हमें सभी संभावित खतरों को पहचान कर उनका मुकाबला करने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार करन होगा। उन्होंने भारत में आतंकवाद, नक्सलवाद, उग्रवाद, मादक पदार्थों की तस्करी और अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई में बीते दस वर्षों में मोदी सरकार में प्राप्त सफलताओं का जिक्र किया। 

 
'सूचना योद्धाओं पर चुनौतियों से निपटने का जिम्मा'
शाह ने कहा, आज देश में विभाजनकारी ताकतें सक्रिय हैं, जो नई तकनीकों का उपयोग कर समाज के सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने की कोशिश करती हैं। इन चुनौतियों से निपटने का जिम्मा अब देश के सूचना योद्धाओं पर है। गृह मंत्री ने भरोसा जताया कि देश की सुरक्षा एजेंसियों ने जैसे अब तक सभी चुनौतियों का सामना किया है, वैसे ही भविष्य में आने वाले खतरों से निपटने के लिए पूरी तत्परता और सतर्कता से काम करेंगी। 

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