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Kiren Rijiju: भारी बारिश की घटनाओं को लेकर बोले किरेन रिजिजू, कहा- ज्यादा वेधशालाएं स्थापित करने की जरूरत
Tue, 26 Dec 2023 09:39 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Tue, 26 Dec 2023 09:39 PM IST
सार
तमिलनाडु में हुई भारी बारिश की घटना को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मौसम का बेहतर पूर्वानुमान लगाने के लिए और अधिक वेधशालाएं स्थापित करने की जरूरत है। वहीं पृथ्वी विज्ञान सचिव एम रविचंद्रन ने कहा कि उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में मौसम का पूर्वानुमान लगाना बहुत मुश्किल है।
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केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
तमिलनाडु में हुई भारी बारिश की घटना को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को कहा कि मौसम का बेहतर पूर्वानुमान लगाने के लिए और अधिक वेधशालाएं स्थापित करने की जरूरत है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के नए लोगो का अनावरण करने के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में दिसंबर में भारी बारिश होती है लेकिन इतनी भारी बारिश को रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किए गए। साथ ही उन्होंने कहा कि हमें केवल सतर्क रहना होगा। साथ ही हमें जानमाल का नुकसान रोकने के लिए कदम उठाने होंगे।
पृथ्वी विज्ञान सचिव एम रविचंद्रन ने कहा कि उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में मौसम का पूर्वानुमान लगाना बहुत मुश्किल है और किसी भी मौसम पूर्वानुमान मॉडल ने 90 सेमी वर्षा का अनुमान नहीं लगाया था, जो पिछले सप्ताह तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले के कयालपट्टनम नगर पालिका में देखा गया था। तिरुनेलवेली और कन्याकुमारी और तेनाकासी जिलों में भी भारी बारिश हुई।
बता दें 17 और 18 दिसंबर को हुई बारिश के कारण तेनकासी, तिरुनेलवेली, थूथुकुडी और कन्याकुमारी जिलों में बारिश से 31 लोगों की मौत हो गई थी। रविचंद्रन ने कहा कि उच्च अक्षांशों के मौसम की तुलना में उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में मौसम में होने वाले गतिशील परिवर्तनों के कारण मौसम की भविष्यवाणी करना कठिन है। रविचंद्रन ने कहा कि एक नई उच्च शक्ति कंप्यूटिंग प्रणाली स्थापित करके और कई मौसम स्टेशनों से अधिक टिप्पणियों को शामिल करके मौसम पूर्वानुमान को और बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं। रविचंद्रन ने कहा कि एक सप्ताह पहले बिजली गिरने का पूर्वानुमान जारी करना या भूकंप की भविष्यवाणी करना संभव नहीं है।
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बता दें भारत मौसम विज्ञान विभाग की स्थापना 15 जनवरी, 1875 को हुई थी और यह अगले महीने अपने 150वें वर्षगांठ वर्ष में प्रवेश करने के लिए तैयार है। रविचंद्रन ने आईएमडी से प्रयासों को बढ़ाने और लोगों को सूचित करने का भी आग्रह किया।
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पृथ्वी विज्ञान सचिव एम रविचंद्रन ने कहा कि उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में मौसम का पूर्वानुमान लगाना बहुत मुश्किल है और किसी भी मौसम पूर्वानुमान मॉडल ने 90 सेमी वर्षा का अनुमान नहीं लगाया था, जो पिछले सप्ताह तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले के कयालपट्टनम नगर पालिका में देखा गया था। तिरुनेलवेली और कन्याकुमारी और तेनाकासी जिलों में भी भारी बारिश हुई।
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बता दें 17 और 18 दिसंबर को हुई बारिश के कारण तेनकासी, तिरुनेलवेली, थूथुकुडी और कन्याकुमारी जिलों में बारिश से 31 लोगों की मौत हो गई थी। रविचंद्रन ने कहा कि उच्च अक्षांशों के मौसम की तुलना में उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में मौसम में होने वाले गतिशील परिवर्तनों के कारण मौसम की भविष्यवाणी करना कठिन है। रविचंद्रन ने कहा कि एक नई उच्च शक्ति कंप्यूटिंग प्रणाली स्थापित करके और कई मौसम स्टेशनों से अधिक टिप्पणियों को शामिल करके मौसम पूर्वानुमान को और बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं। रविचंद्रन ने कहा कि एक सप्ताह पहले बिजली गिरने का पूर्वानुमान जारी करना या भूकंप की भविष्यवाणी करना संभव नहीं है।
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बता दें भारत मौसम विज्ञान विभाग की स्थापना 15 जनवरी, 1875 को हुई थी और यह अगले महीने अपने 150वें वर्षगांठ वर्ष में प्रवेश करने के लिए तैयार है। रविचंद्रन ने आईएमडी से प्रयासों को बढ़ाने और लोगों को सूचित करने का भी आग्रह किया।